आरा: मां-बाप से मिलाने के बहाने नाबालिग से रेप, आरोपित को कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा, 30 हजार जुर्माना


बिहार के आरा शहर के टाउन थाना इलाके में पिछले साल नाबालिग के साथ हुई रेप के मामले में कोर्ट ने आरोपित को दस साल की कैद की सजा सुनायी है। तीस हजार रुपये का फाइन भी लगाया गया है। सजा पाने वाला आरोपित बेगमपुर वार्ड नंबर 33 का  निवासी मनीष कुमार है। यह फैसला विशेष पॉक्सो कोर्ट सह एडीजे छह वैष्णव शंकर मेहरोत्रा ने सोमवार को सुनाया।

पॉक्सो मामलों की स्पेशल पीपी सरोज कुमारी ने यह जानकारी दी। स्पेशल पीपी ने बताया कि अभियुक्त को दोषी पाते हुए कोर्ट ने दस साल की सश्रम कारावास और तीस हजार रुपये फाइन की सजा सुनायी है। जुर्माने की राशि पीड़िता को देनी है। राशि नहीं देने पर अभियुक्त की कारावास की सजा एक साल बढ़ जायेगी। विशेष लोक अभियोजक के अनुसार आरोपित ने  पिछले साल 15 साल की किशोरी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया गया था। उसे लेकर टाउन थाने में आरोपित के खिलाफ धारा 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत केस किया गया था।

उसमें कहा गया था कि आठ फरवरी को आरोपित किशोरी को अपने मां और पिता से मिलाने के बहाने घर ले गया था। लेकिन वहां कोई नहीं था। उस दौरान मनीष कुमार ने किशोरी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद शादी का झांसा देकर भी पांच-छह बार किशोरी के साथ रेप करता रहा। इस बीच 29 मार्च को किशोरी अपनी बहन की बेटी के साथ समोसा खरीदने गयी थी। तभी आरोपित मनीष उसे जबरन अपने घर लेकर चला गया और उसकी बहन की बेटी को भगा दिया। इसके बाद किशोरी की बहन की बेटी घर पहुंची और घरवालों को सारी जानकारी दी। तब किशोरी के भाई, बहन मनीष के घर गये और अपनी बहन को उसके घर से निकाला। इस दौरान मनीष को भी पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में केस के आईओ और डाक्टर सहित पांच लोगों की गवाही करायी गयी थी।

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