धर्म परिवर्तन विरोधी कानून के तहत अहमद गिरफ्तार, 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में भेजा गया


बरेली।
 उत्तर प्रदेश की बरेली पुलिस ने हाल ही में बने धर्म-परिवर्तन विरोधी कानून के तहत पहला मामला दर्ज करने के तीन दिनों के बाद पहली गिरफ्तारी भी कर ली है। बता दें कि प्रदेश में शादी के लिए जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ अध्यादेश लाने के कुछ घंटों बाद बरेली पुलिस ने ओवैश अहमद (22) के खिलाफ रविवार को मामला दर्ज किया था। ओवैश अहमद पर उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश-2020 के तहत एक 20 वर्षीय विवाहित महिला को अपहरण की धमकी और धर्म बदलने के लिए दबाव डालने को लेकर बरेली जिले के देवरनिया क्षेत्र में मामला दर्ज किया गया था।

मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था। उसने बताया कि उसे डर था कि पुलिस मुठभेड़ में कहीं उसे गोली न मार दे। इस संदर्भ में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) संसार सिंह ने कहा कि उसके मन में ऐसी सोच हो सकती है, लेकिन पुलिस का इरादा ऐसा करने का कभी नहीं था। क्योंकि न तो वह बड़ा अपराधी है और न ही हिस्ट्रीशीटर। उन्होंने कहा, उसके खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी और इसके लिए हमने कई टीमों को पड़ोसी जिलों में तैनात भी किया था। उन्होंने बताया कि उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया और कोर्ट ने उसे 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इसी के साथ पुलिस अब शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान दर्ज करते हुए मामले की जांच पूरी करेगी।

गौरतलब है कि ओवैश अहमद और महिला स्कूल के दोस्त हैं। बीते वर्ष एक बार लड़की लापता हो गई थी, उस दौरान उसके परिवार वालों ने अहमद के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। बाद में मालूम चला कि लड़की उसके कहने पर घर से भाग गई थी। उस समय दोनों ने साथ रहने की इच्छा भी जताई थी। बता दें कि युवती को तब भोपाल से बरामद किया गया था और दोनों मुंबई जाने की फिराक में थे। इस बार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कुछ महीने पहले युवती की शादी दूसरे व्यक्ति से कर दी गई है, लेकिन अहमद ने अब भी महिला का पीछा नहीं छोड़ रहा है। ज्ञात हो कि ओवैश अहमद पर आईपीसी की धारा 504 और 506 के साथ अध्यादेश की धारा 3/5 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

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