15 हजार पार्क को डिवेलप करने में लगी एमसीडी, जनता को मुहैया कराना होगी चुनौती

 


नई दिल्ली: देश की राजधानी में दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत लगभग 15,000 से ज्यादा पार्कों आते हैं. जिनकी देखभाल दिल्ली नगर निगम करती है. वर्तमान समय में दिल्ली नगर निगम तीन भागों में विभाजित है. उत्तरी, दक्षिणी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम के द्वारा अपने-अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पार्कों की डेवलपमेंट और और सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं. इस कड़ी में दक्षिणी दिल्ली नगर निगम सबसे आगे है. जिसने अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पार्क्स का डेवलपमेंट और सौंदर्यीकरण भली-भांति तरीके से किया है. वहीं उत्तरी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम में लगातार अपने अंतर्गत आने वाले पार्कों को डेवलप करने में लगा हुआ है.

वेस्ट टू वंडर पार्क ने बनाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान

दुनिया में किसी भी शहर की पहचान उसकी सुंदरता से होती है और इस सुंदरता में शहर के पार्क महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. राजधानी दिल्ली में भी दक्षिण दिल्ली नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला एक ऐसा ही पार्क है.जिसे वेस्ट टू वंडर के नाम से जाना जाता है. यह पार्क अपने आप में ही डेवलपमेंट विकास और सौंदर्यीकरण की पहचान है. जहां पर हर रोज भारी संख्या में लोग टिकट लेकर घूमने आते है. ऐसे ही अब और पार्कों को दिल्ली नगर निगम के द्वारा डेवलप किया जा रहा है. जिसमें पंजाबी बाग क्षेत्र में बन रहा भारत दर्शन पार्क अहम है.

पार्कों में लगाए गए ओपन जिम और झूले
दिल्ली नगर निगम के तीनों विभागों ने अपने अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पार्क में नागरिकों की सुविधा के लिए बड़ी संख्या में ना सिर्फ ओपन जिम की स्थापना की है बल्कि बच्चों को ध्यान में रखते हुए झूले भी लगवाए हैं. साउथ एमसीडी अब तक 1000 से ज्यादा पार्कों में झूले और ओपन जिम की स्थापना कर चुकी है.जबकि ईस्ट एमसीडी के द्वारा अपने 195 पार्क में ओपन जिम लगाए गए है. वहीं 1120 पार्कों में बच्चों के लिए झूले भी लगवाए गए हैं. नॉर्थ एमसीडी की बात करें तो यहां पर नगर निगम ने अपने हर एक वार्ड में तीन से चार पार्को में ओपन जिम की स्थापना की है.

वित्तीय संकट के चलते पेश आ रही हैं दिक्कतें

दिल्ली नगर निगम इन दिनों वित्तीय संकट से जूझ रही है. जिसके चलते निगम को अपने 15000 पार्कों को पूरी तरह से जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए डेवलप करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही पार्को को मेंटेन करने के लिए मालियों की कमी निगम के लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई है.

अनाधिकृत कॉलोनियों में पार्क की सुविधा देना बड़ी चुनौती

दिल्ली नगर निगम के तीनों विभागों के नेताओं ने माना कि अनाधिकृत कॉलोनियों में रह रही जनता को पार्क की सुविधा देना चुनौतीपूर्ण कार्य है. क्योंकि इन अनाधिकृत कॉलोनियों की स्थापना मास्टर प्लान के तहत नहीं की गई है. लेकिन उसके बावजूद भी जैसे-जैसे निगम को डीडीए के द्वारा जमीन मिल रही है. वैसे-वैसे उस हिसाब से अनाधिकृत कॉलोनियों के आसपास पार्क की स्थापना की जा रही है. लेकिन मास्टर प्लान के तहत अनाधिकृत कॉलोनियों की स्थापना ना होने के चलते काफी सारी कॉलोनियां ऐसी हैं. जहां पर पार्कों की सुविधा जनता को उपलब्ध कराना वर्तमान में चुनौतीपूर्ण है.

नगर निगम के द्वारा 15,000 से ज्यादा पार्कों की निगरानी

कुल मिलाकर देखा जाए तो देश की राजधानी दिल्ली में लगभग 15 हजार से ज्यादा पार्कों की देखभाल वर्तमान समय में दिल्ली नगर निगम के द्वारा की जा रही है. इन सभी पार्कों में मूलभूत रूप से सभी प्रकार की सुविधा नागरिकों को मुहैया कराना दिल्ली नगर निगम की जिम्मेदारी है. इसी कड़ी में दिल्ली नगर निगम लगातार पार्कों के अंदर ओपन जिम की स्थापना कर रही हैं. साथ ही बच्चों के खेलने कूदने के लिए झूले भी लगाए जा रहे है.

वहीं अनाधिकृत कॉलोनी अभी भी एक ऐसा क्षेत्र है. जहां रह रहे लोगों के लिए पार्कों की व्यवस्था करना नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती है. क्योंकि इन कॉलोनियों की स्थापना मास्टर प्लान के तहत नहीं की गई है. साथ ही पूर्वी दिल्ली के क्षेत्र में 221 ऐसे पार्क है. जहां पर धार्मिक संस्थाओं द्वारा मंदिर मस्जिद और गुरुद्वारे की स्थापना की गई है और यह अनाधिकृत रूप से की गई. हालांकि इन सभी धार्मिक संस्थानों की स्थापना कई साल पहले की गई थी. लेकिन अभी तक यहां से इनकरेजमेंट को हटाया नहीं जा सका है.

बहरहाल एंक्रोचमेंट्स को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल के दफ्तर में बकायदा शिकायत भी दर्ज करा दी गई है. दिल्ली नगर निगम के तीनों विभाग पूर्वी दक्षिणी और उत्तरी के नेताओं ने ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान स्पष्ट तौर पर कहा कि निगम अपनी जमीन और पार्कों के प्रति संवेदनशील है और लगातार राजधानी दिल्ली को हरित दिल्ली बनाने में लगी हुई है. इसी कड़ी में लोगो को एंक्रोचमेंट करने से भी रोका जा रहा है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा रही है.

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