मरकर भी जिंदा कर गई चार जिंदगियां, 41 साल की मुस्लिम महिला ने ऐसे दिया उपहार


धर्म के नाम पर अक्सर लोग भेदभाव करते हैं लेकिन कुछ लोग जाते-जाते भी मिसाल पेश कर जाते हैं. ऐसी ही एक मुस्लिम महिला से हम आपको मिलवाएंगे जो दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखती थीं. महिला की उम्र महज 41 साल है लेकिन इतनी कम उम्र में मुस्लिम महिला ने दुनिया को अलविदा कह दिया. लेकिन जाते-जाते चार जिंदगियों को नई जिंदगी दे गई. दरअसल, 41 साल की महिला रफत परवीन को पिछले हफ्ते ब्रेन हेम्रेज की दिक्कत हुई जिसके बाद महिला को वैशाली के मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया. लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद महिला की हालत में किसी तरह का सुधार नहीं देखने को मिला. जिसके बाद डॉक्टर्स ने महिला को ब्रेन डेड घोषित कर दिया.

चार मरीजों को उपहार
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट की मानें तो महिला के मस्तिष्क में ब्लड क्लॉट्स होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका. इसके बाद महिला के परिवार की मर्जी से दिल, गुर्दे (किडनी) और जिगर (लीवर) को ऑपरेशन के जरिए शरीर से निकालकर चार मरीजों को नई जिंदगी का उपहार दिया गया. भले ही महिला अब इस दुनिया में नहीं रही लेकिन उन्होंने जाते-जाते जो चार जिंदगियां बचाई हैं वह उन्हीं के जरिए दुनिया में मौजूद रहेंगी.

महिला के शरीर से चार अंगों को निकालने के लिए अलग-अलग टीमों ने रात को ही ऑपरेशन किया और ब्रेन डेड महिला के शरीर से अंगों को निकालकर दूसरे मरीजों के शरीर में प्रत्यारोपित किया गया. हॉर्ट को एम्बुलेंस के जरिए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, साकेत में स्थानांतरित किया गया था. दूसरी किडनी को एंबुलेंस में सिर्फ 45 मिनट में आर्टेमिस अस्पताल, गुरुग्राम पहुंचाया गया.

मैक्स साकेत में हार्ट ट्रांसप्लांट और एलवीएडी कार्यक्रम के निदेशक डॉ केवल कृष्ण ने बताया कि, “मुस्लिम महिला के हर्ट को उत्तराखंड के 56 वर्षीय एक मरीज में प्रत्यारोपित किया गया है. मरीज के हॉर्ट ने काम करना बंद कर दिया था. लेकिन ट्रांसप्लांट के बाद से मरीज की सेहत में सुधार आना शुरू हो गया है. वहीं मृतक महिला के परिजन दुख में हैं लेकिन उन्हें इस बात की तसल्ली है कि, महिला किसी दूसरे व्यक्ति के शरीर में रहकर दुनिया को देख सकेगी और उनके बीच रहेगी.

close