किसान आंदोलन को लेकर खुफिया विभाग ने जारी किया अलर्ट, कई जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात


लखनऊ।
 किसानों का आंदोलन नए कृषि कानूनों को लेकर लगातार दस दिनों से जारी है, आज (शनिवार) किसान नेताओं और सरकार के बीच में पांचवे दौर की बातचीत होनी है। किसान बीते शुक्रवार को ही एलान कर चुके हैं कि, अगर उनकी मांगे पूरी नहीं होती है तो वो 8 नवंबर को भारत बंद करेंगे। इस बीच उत्तर प्रदेश में आंदोलन के नाम पर हिंसा होने की आशंका जाहिर की गई है। राज्य के खुफिया विभाग के अनुसार मथुरा, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद से किसान दिल्ली जा रहे हैं। किसानों ने कई स्थानों पर दिल्ली यूपी मार्ग को जाम कर दिया है। इसे लेकर अब खुफिया विभाग को अलर्ट मोड पर कर दिया गया है।

इस बीच इस बात की भी जानकारी मिली है कि, आने वाले दिनों में पूर्वांचल के किसानों भी आंदोलन से जुड़ चुके हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, राजधानी में प्रवेश को लेकर किसानों और पुलिस के बीच संघर्ष हो सकता है, यही वजह है कि, प्रशासन को सर्तक रहने के लिए कहा गया है। वहीं डीजीपी मुख्यालय से दिल्ली से लगे यूपी के जिलों में और पश्चिम के कई जिलों में पीएसी तैनात कर दी गई है।

जोन और रेंज स्तर के पुलिस अधिकारियों के साथ कई जिलों के पुलिस कप्तानों को इस दिशा अलर्ट रहने को कहा गया है। बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार कहना है कि, सब कुछ सामान्य है लेकिन सतर्कता बरती जा रही है। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन से उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। यूपी से दिल्ली आने वाली बसें सिर्फ कौशांबी बस अड्डे तक आ रही हैं।

किसान आंदोलन के बीच उपद्रवी शामिल न हो जाएं, इसे लेकर यूपी गेट पर प्रशासन अलर्ट है। क्राइम ब्रांच, एसओजी, खुफिया विभाग और पुलिस सिविल ड्रेस में निगरानी कर रही है। वहीं ड्रोन, सीसीटीवी और वार्मर कैमरा की मदद से धरनास्थल का जायजा लिया जा रहा है।

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