यूपी के लखनऊ और बाराबंकी में पीएफआई का कनेक्शन, ईडी के हाथ लगे अहम दस्तावेज

 


लखनऊ। देश के विभिन्न हिस्सों में हुए उग्र प्रदर्शनों के लिए किए गए फंडिंग में पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) का नाम सामने आने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हरकत में आ गई है। इसी क्रम में पीएफआई के खिलाफ मनी लांड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही ईडी ने यूपी सहित देश के कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की कार्रवाई की है। ईडी की टीमों ने यूपी के लखनऊ, बाराबंकी सहित देश के 26 स्थानों पर जांच—पड़ताल की है। इस दौरान ईडी के हाथ कुछ संदिग्ध दस्तावेज लगे हैं। बताते चलें कि ईडी ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में दिल्ली में हुई हिंसा में पीएफआई की भूमिका सामने आने के बाद यह जांच शुरू की थी।

जानकारी के मुताबिक पीएफआई से कनेक्शन में ईडी ने यूपी के दो ठिकानों के साथ ही दिल्ली में 2, केरल में 6, कर्नाटक में 3, तमिलनाडु में 5, बिहार में 2 और महाराष्ट्र—राजस्थान में एक-एक ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी को लखनऊ व बाराबंकी में पीएफआई का कनेक्शन मिला है। ईडी ने बाराबंकी जिले के कुर्सी थानाक्षेत्र अंतर्गत अगासड़ गांव में मुअस्सिर नाम के व्यक्ति के यहां छापा मारा है। सीएए विरोधी हिंसा के दौरान राजधानी लखनऊ से गिरफ्तार नदीम कुर्सी थानाक्षेत्र का रहने वाला है। ज्ञात हो कि दिल्ली में हुई हिंसा के बाद पीएफआई को होने वाली फंडिंग की जांच कर रहे ईडी को यूपी के हाथरस कांड में भी पीएफआई के कनेक्शन के सबूत मिले थे।

इस दौरान दिल्ली से हाथरस जा रहे चार लोगों की मथुरा के मांट थानाक्षेत्र में गिरफ्तारी के बाद अहम सबूत मिले थे। इसी के बाद ईडी ने हाथरस कांड से जुड़े मामले को भी अपनी जांच में शामिल कर लिया है। मथुरा में गिरफ्तार चारों आरोपियों में से एक केरल निवासी सिद्दीक कप्पन के बारे में जानकारी मिली है कि वह पीएफआई का सक्रिय सदस्य है। ईडी ने गिरफ्तार इन चारों आरोपियों से पूछताछ की थी। इसी पूछताछ में पीएफआई और भीम आर्मी के बीच आर्थिक रिश्तों का भी खुलासा हुआ था।

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