किसान आंदोलन: बाबा राम सिंह ने क्यों की आत्महत्या? सामने आकर करीबी शिष्य ने किया बड़ा खुलासा


दिल्ली बॉर्डर पर लंबे समय से चल रहा किसान आंदोलन अपने चरम स्तर पर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और किसान आमने-सामने है लेकिन इसी बीच आंदोलन के समर्थन में उतरे संत बाबा राम सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। जिसके बाद से आंदोलन की सरगर्मियां तेज है। बाबा राम सिंह के कदम के बाद करीबी लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, उनकी मौत के बाद विपक्ष सरकार को जमकर घेरने में लगा है लेकिन इसी बीच बाबा राम सिंह के सेक्रेटरी गुलाब सिंह सामने आए है। उन्होंने बाबा राम सिंह की आत्महत्या की बड़ी वजह सामने रखी।

नवभारत टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक, गुलाब सिंह ने बताया कि, जब बाबा राम सिंह ने आत्महत्या की थी तब भाई मंजीत सिंह उनके काफी नजदीक थे। वह हर वक्त बाबा के साथ रहते थे। 8 और 9 दिसंबर को बाबा ने एक समागम भी रखा था। इस समागम में कई जत्थे आए थे। समागम में किसान आंदोलन से जुड़े कई किसान भी शामिल है। इस दौरान बाबा ने किसानों से बात भी की और किसान से बात करने के बाद ही उन्होंने आंदोलन के लिए 5 लाख रुपये दिए थे। इसके आगे गुलाब सिंह ने बताया कि बाबा कहते थे कि मुझसे ये दुख देखा नहीं जा रहा। ऐसे में घटना वाले दिन बाबा फिर से पहुंचे। यहां पर आकर उन्होंने अपने सेवादारों को मंच पर भेज दिया।

गुलाब सिंह ने बताया कि, इस दौरान वह अकेले गाड़ी में बैठे थे। बाबा को रोज डायरी लिखने की आदत ती। इसी वजह से उन्होंने गाड़ी में बैठकर एक नोट लिखा। जिसमें उन्होंने लिखा, किसान आंदोलन से दुखी होकर कई भाइयों ने अपनी नौकरी छोड़ी, अपना सम्मान वापस किया। ऐसे में मैं अपना शरीर समर्पित कर रहा हूं। इसके बाद गाड़ी में रखी पिस्टल से उन्होंने खुद को गोली मार ली। गुलाब सिंह ने बाबा के इस कदम को किसानों के लिए शहादत बताई है। वह बाबा के साल 1996 से अनुयायी है। ऐसे में वह बाबा के काफी करीब थे। उन्होंने बताया कि बाबा के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार नानक सर सिंगड़ा, करनाल हरियाणा में होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शांति बनाकर रखें और ज्यादा से ज्यादा सिमरन करें।

close