जब मां-बेटी दोनों ने एक ही मंडप में रचा ली शादी, वजह जानकर कहेंगे आप ये तो होना ही था

कभी-कभी कुछ मामले ऐसे भी आते हैं, जिन्हें जानकर लोग हैरत में पड़ जाते हैं। परेशान हो जाते हैं। हैरान हो जाते हैं। सोच के सागर में डूब जाते हैं। फिर, हालात कुछ इस कदर संजीदा भी हो जाते हैं कि उनके लिए वहां से निकलना इतना आसान नहीं रहता। आज हम आपको एक ऐसे ही मामले से रूबरू कराने जा रहे हैं, जहां मां-बेटी…दोनों ने एक साथ.. एक ही मंडप में शादी रचाई.. जी हां.. बिल्कुल ठीक पढ़ा आपने.. संभवत: आप इसे पढ़कर तनिक हैरतइया सैलाब में सराबोर हो गए होंगे। वरण..यह सच्चाई है..जो उत्तर प्रदेश..जिला गोरखपुर..ब्लॉक पिपरौली में चरितार्थ होती हुई दिखी है। ये भी 

जहां बेटी इंदू ने अपने हमउम्र राहुल के साथ सात फेरे लिए तो वहीं मां बेला देवी ने उसी मंडप में 55 वर्षीय अपने देवर जगदीश के साथ शादी रचा ली। यह विवाह अभी पूरे कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है। हर किसी की जुबां पर  अभी महज इसी शादी की चर्चा है। जहां मां बेटी दोनों ने एक मंडप में शादी रचाई है। बेला देवी के पति का निधन आज से 25 साल पहले हो गया था। इसके बाद उन्होंने अपने बच्चों की परवरिश खुद ही की थी। मां बेला देवी ने खुद ही मेहनत मजदूरी कर अपने बच्चों को पाल पोशकर बड़ा किया।

इससे पहले मां बेला देवी ने अपने एक बेटा और एक बेटी की भी शादी की थी। वहीं, जीवनभऱ कुंवारे रहने वाले जगदीश ने अपनी भाभी के साथ शादी रचा ली।  हालांकि, दोनों एक दूसरे को चाहते थे, लेकिन इस खौफ से की समाज क्या कहेगा इसलिए हमेशा अपनी भावनाओं पर काबू रखा। अपनी भावनाओं को कभी बाहर नहीं आने दिया, मगर जब बेला  देवी ने अपनी बेटी की शादी करने  का विचार  किया तो फिर बेला देवी  और उनके देवर ने भी सोचा कि वे अपनी बेटी की शादी में ही एक-दूसरे के हो जाते हैं।

हालांकि, शादी करने से पहले दोनों ने  परिवार सहित गांव वालों से भी  सलाह मुश्विरा किया, जिसके बाद  सभी सहमत हो गए।फिलहाल..  बेला देवी अब अपनी बेटी के साथ खुद भी अब नई जिंदगी की शुरूआत करने जा रही हैं।  वहीं, इस शा्दी को लेकर हर किसी के चेहरे खिलते हुए नजर आ रहे है।

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