ठंड में जोड़ों के दर्द से बचने के लिए आपकों रखनीे होगी सावधानी

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मौसम बदलने के साथ ही शरीर के साथ सावधानी करना आवश्यक है। मौसम को सबसे ज्यादा और पहला असर शरीर पर ही पड़ता है। डाॅ. अरविन्द सिंह ने बताया कि सर्दी के मौसम में लोगों को अक्सर जोड़ों पर दर्द समस्या होती है। ठंड का आते ही घुटने, एड़ी, कलाई, कंधे या कोहनी में ऐसी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। इसके लिए शरीर और शरीर के प्रति लोगों को रवैया ही जिम्मेदार है। दिनभर में न जाने ऐसी किनती गलतियां लोग करते हैं जो हमारे जोड़ और मांसपेशियों के लिए खतरनाक साबित होती हैं। शरीर में दो अलग-अलग हड्डियों के जुड़ाव को हम जोड़ कहते हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ कहते हैं कि शरीर का बढ़ता वजन हमारे जोड़ों के लिए नुकसानदायक है। इससे कमर, पंजे या कूल्हे में खिंचाव आने का खतरा भी बढ़ जाता है। मोटापा शरीर में सूजन की समस्या को भी बढ़ता है। अनियंत्रित दिनचर्या के साथ धूम्रपान या तंबाकू के सेवन से भी जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ाता है। सिगरेट या तंबाकू में मौजूद निकोटिन जोड़ और हड्डियों तक पहुंचने वाले ब्लड फ्लो को बाधित करता है। नशे के सेवन से हड्डियों को पर्याप्त कैल्शियम भी नहीं मिलता है। साथ ही ये एस्ट्रोजन नाम के हार्माेन को भी नष्ट करता है जो हड्डियों की सेहत के लिए अच्छा होता है। इसी कारण हड्डियां कमजोर हो जाती है और जोड़ों में दर्द सताने लगता है।

देखा जाता है कि अक्सर आपने लोगों को बिना सिर हिलाए घंटों तक फोन पर चैटिंग करते हैं। फोन का इस्तेमाल करते वक्त हमारी गर्दन और कंधे जिस पोजिशन में चले जाते हैं जो सही नहीं है। इस पोजिशन में अगर आपकी चिन छाती से छू हो रही है तो समझ लीजिए आपकी गर्दन पर एक नहीं बल्कि 5 गर्दनों का भार है। कभी-कभी आसपास आपने कई लोगों को उंगलियां चटकाने पर टोकते देखा होगा। उंगलियां चटकाने से हाथ का पंजा कमजोर होता है और पकड़ भी ढीली होती है। हड्डियों को जोड़कर रखने वाली मांसपेशियों और अस्थिरज्जु पर इसका बुरा असर पड़ता है। बिस्तर पर पेट के बल यानी उल्टा सोने से आपको खर्राटों से तो राहत मिल सकती है लेकिन ये आपके सिर को पीछे की तरफ धकेलता है। रीढ़ की हड्डी पर भी इसका बुरा असर होता है। इस पोजिशन में आपका सिर लंबे समय तक एक ही दिशा में रहता है। जोड़ और मांसपेशियों पर इसका बहुत बुरा असर होता है।

घर में काम करते समय या टेनिस खेलते वक्त गलत पोजिशन को बार-बार रिपीट करने से जोड़ों पर बुरा असर होता है। इससे मांसपेशियों पर ओवरलोड और जोड़ों पर दबाव बढ़ता है। ऐसे में टेनिस एल्बो जैसी दिक्कत हो सकती है जो काफी दर्दकारक है। गलत मांसपेशी का इस्तेमाल जब आप किसी छोटे मसल से बड़ी या वजनदार चीजे उठाते हैं तो इसका आपके जोड़ों पर बुरा असर होता है. उदाहरण के लिए, अगर आप कोई बड़ा दरवाजा कंधे की बजाए उंगली के जोर से खोलने की कोशिश करेंगे तो निश्चित ही समस्या बढ़ेगी।

कंधों पर भारी बैग या पर्स लटकाकर चलने से भी कंधे या कमर से जुड़ी समस्या हो सकती है। कंधे पर एक ओ बैग लटकाना तो और भी गलत है। इससे शरीर का संतुलन और चाल दोनों प्रभावित होते हैं। इससे मांसपेशियों में बहुत ज्यादा खिंचाव है और जोड़ों में दिक्कत के साथ दर्द देता है। अगर कोई जूता आपके पंजे या टखने को सपोर्ट नहीं कर रहा है तो ये घुटने, कल्हे और कमर के लिए चिंता की बात हो सकती है। पैर के लिए कम्फर्टेबल शूज नहीं होने से मोच आने का खतरा बढ़ होता है। बहुत ज्यादा लचीला या घुमावदार जूता भी पैर के लिए अच्छा नहीं है। इसके इस्तेमाल से पंजे का वास्तविक रूप से हिलना या मुड़ना बंद हो जाता है। मांसपेशियों को स्ट्रेच करने से बॉडी की फ्लेक्सिब्लिटी अच्छी रहती है। ऐसे में घायल, दर्द और ज्वॉइंट पेन होने का खतरा भी कम हो जाता है। नियमित अभ्यास से शरीर के दर्द से छुटकारा पा सकते हैं।

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