IND vs AUS: गुलाबी गेंद से मैच खेलना आसान है या मुश्किल, चेतेश्वर पुजारा ने दी अपनी राय


IND vs AUS: Is playing with Pink ball easy or difficult, Pujara throws his opinion

भारत की टेस्ट टीम के नंबर-3 बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने गुरुवार को कहा कि इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल है कि गुलाबी गेंद किस तरह का व्यवहार करेगी। भारत और आस्ट्रेलिया के बीच इस समय एडिलेड ओवल मैदान पर डे-नाइट टेस्ट मैच खेला जा रहा है और पहले दिन पुजारा ने 160 गेंदें पर 43 रनों की पारी खेली। उन्होंने कहा कि अतीत का अनुभव यह बताता है कि विकेट तीन-चार दिन गेंदबाजों को मदद देगी।

भारत का यह दूसरा डे-नाइट टेस्ट है। भारत ने पहले दिन का अंत छह विकेट के नुकसान पर 233 रनों के साथ किया। कप्तान विराट कोहली ने 74 रन बनाए। पुजारा ने कोहली के साथ 68 रनों की साझेदारी की।

पुजारा ने कहा, "यह कहना काफी मुश्किल है लेकिन इस मैच में तेज गेंदबाजों को मदद मिलेगी। मुझे याद है कि 2019 में जब हमने पहली बार डे-नाइट टेस्ट खेला था तब विकेट में तीन-चार दिन गेंदबाजों के लिए काफी मदद थी। मुझे लगता है कि यहां भी वैसा ही है। लेकिन गुलाबी गेंद से इस स्तर पर कुछ भी कहना मुश्किल है। एक बार जब हम दूसरे दिन उतरेंगे दो हमें आइडिया हो जाएगा कि पिच कैसा व्यवहार कर रही है। अगर कल कोई बदलाव होता है तो हमें पता चल जाएगा।"

भारत ने गुलाबी गेंद से शुरुआती दो सत्रों में संभलकर बल्लेबाजी की और 55 ओवरों में तीन विकेट खोकर 107 रन बनाए थे।

पुजारा ने कहा, "अगर विकेट अच्छी है और विकेट में गेंदबाजों के लिए कुछ भी नहीं है। तो आप आक्रामकता के साथ खेल सकते हैं। लेकिन जब इस तरह की विकेट हो, जहां गेंदबाजों को मदद मिले तो आपको धैर्य की जरूरत होती है आप ज्यादा शॉट नहीं खेल सकते। टीम को अच्छी शुरुआत चाहिए होती है। गेंदबाजों के लिए गलत की संभावना काफी ज्यादा रहती है, उनके पास प्रयोग करने की छूट रहती है।"

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