Year Ender 2020: जब तिहरे हत्याकांड से दहल गया था रतलाम


रतलाम। जल्द ही अलविदा कहने वाला साल 2020 सबके लिए कुछ अलग सा रहा. जहां लोगों ने कोरोना जैसी महामारी को झेला, जो अभी भी झेल रहे हैं. वहीं इस साल कई अपराधिक घटनाएं भी सामने आई. ऐसे में कोरोना की भेंट चढ़े साल 2020 की बड़ी अपराधिक घटनाओं में मध्यप्रदेश के रतलाम में हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड और उसके बाद साइको किलर की पुलिस मुठभेड़ में मौत का मामला सुर्खियों में रहा.

दंपति और उनकी बेटी के सिर में मारी थी गोली

रतलाम के राजीव नगर में एक ही परिवार के पति-पत्नी और बेटी को सिर में गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आने से पूरे रतलाम शहर में सनसनी फैल गई थी. 25 नवंबर की रात इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम दिया गया था, जिसमें गोविंद सोलंकी उनकी पत्नी शारदा और बेटी दिव्या सोलंकी की सिर में गोली मारकर हत्या की गई थी. रतलाम पुलिस के लिए भी यह एक चैलेंजिंग घटना थी. जिसके बाद 200 सीसीटीवी फुटेज और 70 हजार कॉल डिटेल के इन्वेस्टिगेशन के बाद पुलिस, लूट की नियत से हत्या करने वाले एक खतरनाक गिरोह तक पहुंच पाई थी, लेकिन गिरोह का मुख्य सरगना दिलीप देवल अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर था.

जिसके बाद साइबर टीम की मदद से दिलीप देवल को रतलाम के खाचरोद रोड क्षेत्र में ट्रेस किया गया, लेकिन इस शातिर और खतरनाक अपराधी ने पुलिस टीम पर ही फायरिंग कर दी. इसके बाद जवाबी कार्रवाई में खतरनाक साइको किलर की मौत हो गई. गौतरतलब है कि इस खतरनाक गैंग के कोई सबूत और गवाह नहीं रहे, ये गैंग लूट को अंजाम देने के बाद घर में मौजूद सभी सदस्यों को मौत के घाट उतार देती थी. यह लोग ऐसे परिवारों को निशाना बनाते थे जहां उन्हें अधिक विरोध का सामना न करना पड़े.

दरअसल यूपी के विकास दुबे एनकाउंटर जैसा मामला मध्यप्रदेश के रतलाम में भी सामने आया तो रतलाम का तिहरा हत्याकांड सुर्ख़ियों में आ गया, जिसके बाद मध्य प्रदेश की बड़ी क्राइम की घटनाओं में रतलाम का तिहरा हत्याकांड भी शामिल हो गया. एक ही परिवार के तीन सदस्यों की सिर में गोली मारकर हत्या कर देने वाले हत्यारे दिलीप देवल को उसके अंजाम तक पहुंचाने वाली रतलाम पुलिस के कप्तान खुद मानते हैं कि यह एक बेहद सनसनीखेज हत्याकांड था.

साइको किलर था आरोपी

वहीं मुख्य आरोपी के सहयोगियों से हुए खुलासे के अनुसार दिलीप देवल एक साइको किलर था, जो लूट की घटना को अंजाम देते समय घर में मौजूद हर एक शख्स की हत्या कर देता था. यहीं नहीं मासूम लोगों को वह इसलिए सिर में गोली मारता था ताकि मरने वाला अधिक तड़पे नहीं, इतना ही नहीं वह बस थोड़े रुपयों की लूट के लिए अब तक 6 लोगों को मौत के घाट उतार चुका था.

25 नवंबर को इस सनसनीखेज घटनाक्रम को अंजाम देने वाले गिरोह के पांच सदस्य पुलिस की गिरफ्त में थे, लेकिन साइको किलर दिलीप दिवेल घटना के बाद से फरार था. 3 दिसंबर की रात रतलाम पुलिस की साइबर सेल ने दिलीप दिवेल की लोकेशन खाचरोद रोड पर ट्रेस की, जिसके बाद आरोपी को पकड़ने पहुंची पुलिस पर इस अपराधी ने फायरिंग शुरू कर दी, पुलिस पार्टी की जवाबी कार्रवाई में साइको किलर दिलीप दिवेल की मौत हो गई. वहीं इस घटना में 5 पुलिसकर्मी घायल भी हो गए थे.

इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने वाले दुर्दांत अपराधी दिलीप दिवेल के एनकाउंटर पर प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी रतलाम पुलिस की पीठ थपथपाई और मुठभेड़ में घायल हुए पुलिसकर्मियों से बातचीत भी की थी. बहरहाल विदा हो रहे वर्ष 2020 की बड़ी अपराधिक घटनाओं में रतलाम का तिहरा हत्याकांड और उसके हत्यारे दिलीप देवल को उसके अंजाम तक पहुंचने की घटना भी दर्ज हो गई है.

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