कांग्रेस सहित ये 16 राजनीतिक दल करेंगे राष्ट्रपति के अभिभाषण का बायकॉट


नई दिल्ली।
 कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में हुई हिंसक ट्रैक्टर रैली के बाद राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है। इस हिंसक घटना के बाद जहां लोगों में प्रदर्शनकारियों के प्रति आक्रोश बढ़ गया है वहीं विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार को घेरने में लगी हुई है। वहीं कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के बहिष्कार करने का दावा किया है। इतना ही नहीं आजाद ने दावा किया कि बजट सत्र से पूर्व 16 राजनीतिक पार्टियां राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करेंगी। उन्होंने कहा कि ऐसा करने के पीछे मुख्य कारण कृषि कानूनों को जबरन संसद से पास कराया जाना है। इसके लिए सभी दलों की तरफ से संयुक्त रूप से बयान भी जारी कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि किसान नए कृषि कानूनों से संतुष्ट नहीं हैं। किसानों के सामने कई तरह के संकट पैदा हो गए हैं।

आजाद ने कहा भारत में 60 फीसदी किसान कृषि पर निर्भर हैं। बीते 64 दिनों से देश के विभिन्न स्थानों से आए किसान सर्दी, बारिश और कोहरे के बीच बीच प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन के दौरान 155 किसानों की जान चली गई है। जबकि केंद्र सरकार किसानों को इसका जवाब आंसू गैस के गोले, वाटरकैनन और लाठीचार्ज करके दे रही है, इसकी हम कड़ी निंदा करते हैं। जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति के अभिभाषण का बायकॉट करने वाले दलों में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, अकाली दल राष्ट्रवादी कांग्रेस, केरल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी शामिल हैं। फिलहाल इस लिस्ट में बसपा शामिल नहीं है।

ज्ञात हो कि 1 फरवरी को सरकार आम बजट पेश करने जा रही है। वहीं इससे पहले कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड के दौरे के दौरान केंद्र सरकार पर जमकर अपनी भड़ास निकाली थी। उन्होंने कहा था कि देश के अधिकत्तर किसान नए कृषि कानूनों को नहीं समझ पा रहे हैं। अगर वह इसे समझ जाएंगे तो पूरे देश में आंदोलन शुरू हो जाएंगे।

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