बंगाल चुनाव 2021- TMC-BJP चुनावी दंगल के बीच सबसे बड़े महारथी होंगे शुभेंदु अधिकारी

 


पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को अब ज्यादा वक्त रह नहीं गया है। बीजेपी जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के खिलाफ कहीं ज्यादा आक्रमक हो गई है, तो दूसरी ओर टीएमसी का किला बहुत तेजी से दरकने लगा है। टीएमसी से बीजेपी में आए शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की नींद ही उड़ा रखी है। ममता ने इसके चलते शुभेंदु अधिकारी की ही विधानसभा सीट नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का ऐलान किया, तो शुभेंदु ने भी ऐलान कर दिया है कि वो नंदीग्राम से किसी भी कीमत पर जीतेंगे ही। इस पूरे में मामले में ममता के खिलाफ बीजेपी ने शुभेंदु को खुलकर खेलने का मौका दे दिया है और ये ममता के लिए काफी खतरनाक साबित होने वाला है।

ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि वो अब शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी उनकी ही विधानसभा सीट से। ममता की इसके पीछे नीति शुभेंदु के कद को गिराने की है जिससे बीजेपी बैकफुट पर चली जाए। इसके साथ ही टीएमसी शुभेंदु के जाने से अपने कार्यकर्ताओं के ठंडे पड़े जोश को भी नई ऊर्जा देना चाहती है, लेकिन बीजेपी ने इस मामले में शुभेंदु को बिल्कुल खुला समर्थन दे दिया है। इस इलाके में अब शुभेंदु अधिकरी खुद ही पार्टी के कई बड़े फैसले ले सकते हैं जो दिखाता है पार्टी ने शुभेंदु पर अपना पूरा विश्वास जाहिर कर दिया है।

शुभेंदु भी बीजेपी के विश्वास को सकार करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। उन्होंने ममता बनर्जी के नंदीग्राम से चुनाव लड़ने के ऐलान को लेकर ताल ठोकते हुए कहा, “ममता बनर्जी ने केवल 62,000 वोट के आधार पर चुनाव लड़ने की बात कही है। जबकि मेरे पास करीब 2,13 लाख वोट हैं। मैं ममता बनर्जी को नंदीग्राम से जरूर हराऊंगा, और अगर नहीं हरा पाया तो हमेशा के लिए राजनीति को अलविदा कह दूंगा।” शुभेंदु ने जैसे ही ये कहा उनके साथ खड़े लोग ‘जय श्रीराम’ का जयघोष करने लगे।

शुभेंदु को ममता दीदी का सबसे खास सिपाही माना जाता था, ऐसा माना जा रहा है कि चुनाव के पहले ही लगभग आधी टीएमसी शुभेंदु के नाम तले बीजेपी में ही शामिल हो जाएगी। ममता दीदी इस बात से काफी डरी हुई भी हैं। दूसरी ओर टीएमसी के खिलाफ बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी को बोलने और फैसले लेने की वैसी ही आजादी दे दी है, जैसे असम में कांग्रेस छोड़कर आए हेमंता बिस्वा सरमा को दी थी।

अधिकारी ममता दीदी की कमजोरी और मजबूती दोनों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। ऐसे में वो ममता के खिलाफ जितना ज्यादा बोलेंगे, उतना ही बीजेपी को फायदा होगा। शुभेंदु ममता दीदी के कार्यकाल में हुए घोटालों को भी उजागर कर रहे हैं। शुभेंदु ममता के करीबी होने के कारण ममता के लिए हर वक्त नई मुसीबत बनते जा रहे हैं और बीजेपी ने भी इस बात को अच्छे से समझ लिया है। साथ ही बीजेपी के लिए फायदे वाली बात ये भी है कि शुभेंदु की सीट पर जो हवा देखने को मिलेगी, वो हवा ही उस सीट के आस पास पूरे जंगल महल की 70 सीटों पर भी होगी।

ऐसे में बीजेपी के लिए अधिकारी वोटों और सीटों की टोकरी साबित होने वाले हैं। यही कारण है कि ममता के खिलाफ शुभेंदु को बीजेपी ने फ्री हैंड दे दिया है, और ये बीजेपी के लिए असम की तरह ही एक सकारात्मक रणनीति साबित होने वाली है जिसमें अधिकारी जीत के बाद सबसे बड़े हीरों साबित होने वाले हैं।

 source

close