24 जनवरी से 14 फरवरी तक शनि रहेंगे अस्त, इन 5 राशियों को रखना होगा ध्यान


ऐसा माना जाता है कि शनि की दृष्टि जिस राशि पर पड़ती है शनि उसे प्रभावित करने लगते हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक शनि शुभ और अशुभ दोनों तरह के फल मनुष्य को देते हैं। ज्योतिष के अनुसार शनि मनुष्य को कर्म के आधार पर फल देने का कार्य करते हैं। इसका अर्थ है कि अगर व्यक्ति अच्छे कार्य करता है तो शनि देव उसे शुभ फल प्रदान करते हैं वहीं व्यक्ति अगर गलत कार्यों को करता है तो शनि उसे उसी प्रकार के फल देना शुरू कर देते हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक माना जाता है कि जब व्यक्ति पर शनि की महादशा, शनि की साढ़ेसाती और शनि की ढैय्या के दौरान शनिदेव अच्छे फल प्रदान नहीं करते हैं जिस वजह से इन अवस्थाओं के दौरान मनुष्य को कई प्रकार की समस्याओं से गुजरना पड़ता है।

जब शनि अशुभ होते हैं तो व्यक्ति कई तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ता है। शनि शिक्षा में भी बाधा उत्पन्न कर सकते हैं। करियर और नौकरी में भी परेशानियां खड़ी पैदा करते हैं। शनि के अशुभ होने पर जमा पूंजी भी नष्ट हो जाती है। साथ ही व्यक्ति कर्जदार हो जाता है और हर कार्य में उसे असफलता ही मिलती रहती है। शनि अशुभ ग्रहों के साथ मिलकर गंभीर रोग देने का भी कार्य करते हैं। इसीलिए ज्योतिष में कहा गया है कि शनि को शांत रखना बेहद जरूरी है।

ज्योतिष के अनुसार शनि इस वक्त अस्त चल रही है। शनि 7 जनवरी 2021 को मकर राशि में अस्त चल रहे हैं। बता दें कि इस बार अस्त अवस्था में ही शनि ने नक्षत्र परिवर्तन भी किया है। 23 जनवरी यानी आज शनि श्रवण नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं जोकि 14 फरवरी को उदित होंगे।

इस समय मिथुन और तुला राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है। वहीं धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। यही कारण है कि इन राशि के जातकों को विशेष ध्यान रखना पड़ेगा। इस दौरान शनि को खुश रखने का प्रयत्न करते रहना चाहिए।

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