राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में कृषि कानूनों का किया जिक्र, कहा- 26 जनवरी को जो हुआ वह बेहद दुखद


नई दिल्ली।
 राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ ही बजट सत्र की शुरुआत हो गई है। राष्ट्रपति ने अभिभाषण की शुरुआत करते ही कहा कि देश गत वर्ष से कोरोना महामारी, सीमा पर तनाव सहित कई संकटों से जूझ रहा है। इतने संकटों के बावजूद भी देश मजबूती के साथ खड़ा है। साथ ही राष्ट्रपति ने कहा कि चुनौती कितनी भी बड़ी क्यों न हो आज का भारत रुकेगा नहीं। इस दौरान राष्ट्रपति ने बीते वर्ष पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और कोरोना से छह सांसदों सहित देश में कई लोगों के निधन पर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने कोरोना संकट के दौरान केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार जनता के साथ खड़ी रही। इसी के साथ ही उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के मंत्र को आगे बढ़ाने का भी आवाहन किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि चुनौतियां कितनी भी बड़ी क्यों न हों, न हम रुकने वाले हैं और न ही भारत रुकेगा। भारत की खासियत रही है कि जब-जब हम एकजुट हुए हैं, तब-तब असंभव लगने वाले लक्ष्य को हासिल किया है। राष्ट्रपति ने राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत कवि असम केसरी, अंबिकागिरि रायचैधरी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कहा था, ‘ओम तत्सत् भारत महत, एक चेतोनात, एक ध्यानोत, एक साधोनात, एक आवेगोत, एक होइ जा, एक होइ जा, भारत की महानता परम सत्य है। एक ही चेतना में, एक ही ध्यान में, एक ही साधना में, एक ही आवेग में, एक हो जाओ, एक हो जाओ। कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में हमने असमय अपने कई देशवासियों को खोया भी है। हम सभी के प्रिय और देश के पूर्ववर्ती राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन भी इसी कोरोना काल के दौरान हुआ।

इजना ही नहीं संसद के छह सदसय भी कोरोना की चपेट में आने से असमय ही हमें छोड़कर चले गए। मैं सभी के प्रति अपनी विनम्र श्राद्धांजलि अर्पित करता हूं। मुझे इस बात का संतोष है कि मेरी सरकार की तरफ से सही समय पर लिए गए सटीक फैसलों से लाखों देशवासियों का जीवन बच सका। मौजूदा समय में देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या काफी तेजी से घट रही है। बढ़ी संख्या में लोग इस महामारी को मात देकर ठीक भी हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस महामारी के दौरान कोई भी परिवार भूखा न रह जाए इसके लिए सरकार ने पूरा प्रबंध किया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से 8 माह तक 80 करोड़ लोगों को 5 मिलो प्रतिमाह अतिरिक्त अनाज निशुल्क दिया गया।

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