रिश्तों का लॉकडाउन: 30 फीसदी बढ़ गई घरेलू हिंसा


ग्वालियर। महामारी में लाखों लोगों की दुनिया उजड़ जाती है. 1920 के बाद 2020 में फिर एक महामारी से मानव सभ्यता का सामना हुआ. कोरोना पेंडेमिक ने इंसानी वजूद को एक नई तरह की चुनौदी दी. दुनियाभर में लाखों लोगों की जान चली गई. कारोबार ठप हो गया. लेकिन इस बार महामारी सामाजिक रिश्तों पर भी भारी पड़ रही है. महामारी के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाना पड़ा. इसी लॉक डाउन का साइड इफेक्ट ये रहा कि घेरलू हिंसा के मामले बढ़ गए.

खाने को दौड़ने लगा घर

2020 की शुरुआत में दस्तक देने वाली महामारी कोरोना से सबकुछ अस्त व्यस्त हो गया. लाखों लोगों की जान गई. करोड़ों की नौकरी छिन गई. साथ ही इसका सामाजिक असर भी बड़े पैमाने पर देखने को मिला. लॉकडाउन लगा तो लोगों को घर में कैद होना पड़ा. एक ओर परिवार के साथ समय बिताने के लिए ज्यादा वक्त मिला, तो दूसरी ओर एक दूसरे की कमजोरियां भी खुलकर सामने आने लगीं. खासतौर पर पति-पत्नी के रिलेशन में नई तरह की बुनावट देखने को मिली. पति बाहर काम पर जाता था, तो उसके लौटने के इंतजार में एक आकर्षण पैदा होता था. लेकिन लॉकडाउन में 24 घंटे, हर पल एक ही छत के नीचे रहने से कुछ रिश्तों की कमजोरियां खुलकर सामने आ गईं. कुछ परिवारों में प्यार बढ़ा तो कुछ में नोंकझोंक बढ़ गई, जो बढ़ते बढ़ते रिश्तों को खाने लगी. पति-पत्नी में झगड़े होने लगे और नौबत मानसिक प्रताड़ना से लेकर हाथापाई तक आ गई.

side effect of lock down
लॉक डाउन का साइड इफेक्ट

लॉकडाउन में 30 फीसदी बढ़ गई घरेलू हिंसा

जानकारी के मुताबिक लॉकडाउन में घरेलू हिंसा के मामले करीब 30 फीसदी बढ़ गए. कई परिवार टूटने की कगार तक पहुंच गए. काउंसलर्स के मुताबिक ये नौकरी जाने और खाली बैठे रहने की खीज का नतीजा है. मानसिक तनाव और बेरोजगारी के चलते छोटी-छोटी जरूरतें पूरी नहीं हो पाने के कारण झगड़े के हालात बने. मध्यम वर्गीय परिवारों में ये ज्यादा देखने को मिला है. जानकारों के मुताबिक कई पतियों ने तो अपनी पत्नी से मायके से पैसे लाने की भी मांग की. जब विरोध हुआ तो उनके साथ मारपीट भी हुई और उन्हें घर से बेदखल तक कर दिया. महिला थाने से मिले आंकड़ों के मुताबिक 2019 में घरेलू हिंसा और दहेज के कुल 310 केस दर्ज हुए थे. लॉकडाउन के बाद 2020 में ये संख्या बढ़कर साढ़े तीन सौ तक पहुंच गए. जबकि 2018 में दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा के 280 मामले ही दर्ज हुए थे.

home voilence up to 30 percent
घरलू हिंसा के मामले बढ़े

पति-पत्नी के रिश्तों में आई दरार

कई महिलाओं ने शिकायत की है कि लॉकडाउन में उनके पति ज्यादा शराब पीने लगे हैं. पहले कभी कभी पीते थे, अब उन्हें नशे की लत पड़ गई है. शराब पीने के बाद झगड़ा होना आम बात हो गई. कुछ महिलाओं ने परेशान होकर पुलिस में शिकायत तक की.

relations affected due to corona
कोरोना लाया रिश्तों में दरार


कुल मिलाकर कोरोना महामारी ने जीवन के ज्यादतर हिस्से पर बुरा असर डाला है . फिलहाल जीवन को पटरी पर लाने के जतन किए जा रहे हैं . पुलिस का मानना है कि आपसी झगड़ों में वैसे तो हम तुरंत कार्रवाई करते हैं, लेकिन लॉकडाउन के दौरान बिगड़े रिश्तों को हम मौका देना चाहते हैं. टूटे रिश्तो को परामर्श के जरिए जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.

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