500 करोड़ की 'महाकाल विकास योजना' से बदलेगी उज्जैन की तस्वीर


उज्जैन। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को उज्जैन में 500 करोड़ लागत की 'महाकाल विकास योजना' को मंजूरी प्रदान कर उज्जैन को बड़ी सौगात दी. मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों को गति प्रदान करने के निर्देश दिए हैं.

महाकालेश्वर मन्दिर के क्षेत्रफल में होगी बढ़ोतरी

महाकाल क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत परियोजना के क्रियान्वयन से महाकालेश्वर मन्दिर का क्षेत्रफल वर्तमान स्थिति से 8 से 10 गुना बढ़ जायेगा. प्रजेंटेशन में बताया गया कि प्रथम चरण में महाकाल प्लाजा, महाकाल कॉरिडोर, मिडवे झोन, महाकाल थीम पार्क, घाट व डेक एरिया, नूतन स्कूल कॉम्पलेक्स, गणेश स्कूल कॉम्पलेक्स, पार्किंग, धर्मशाला, प्रवचन हॉल और अन्नक्षेत्र का निर्माण होगा.

दूसरे चरण में इन क्षेत्रों का होगा विकास

  • दूसरे चरण में महाराजवाड़ा, रूद्र सागर जीर्णोद्धार, छोटा रूद्र सागर लेक फ्रंट, रामघाट का सौन्दर्यीकरण, पार्किंग व पर्यटन सूचना केन्द्र, हरिफाटक पुल का चौंड़ीकरण और रेलवे अंडरपास व रूद्र सागर पर पैदल पुल, महाकाल द्वार, बेगमबाग मार्ग का विकास, रूद्र सागर पश्चिमी मार्ग, महाकाल पहुंच मार्ग का उन्नयन किया जाएगा.
  • महाकाल कॉरिडोर के तहत पहले घटक में पैदल चलने के लिए उपयुक्त 200 मीटर लम्बा मार्ग बनाया जाएगा. लोटस पोंड, ओपन एयर थिएटर व लेकफ्रंट एरिया और ई-रिक्शा व आकस्मिक वाहनों के लिए मार्ग तैयार होगा. मिडवे जोन के अन्तर्गत पूजन सामग्री की दुकानें, फूडकोर्ट, लेकव्यू रेस्टोरेंट, लेकफ्रंट डेवलपमेंट, जनसुविधाएं, टॉवर सहित निगरानी व नियंत्रण केन्द्र की स्थापना होगी.
  • महाकाल थीम पार्क के अन्तर्गत महाकालेश्वर की कथाओं से युक्त म्युरल वाल, सप्त सागर के लिए डेक एरिया और डेक के नीचे शापिंग क्षेत्र, बैठक क्षेत्र सुविधाएं विकसित होंगी.
  • इसी तरह त्रिवेणी संग्रहालय के समीप कार, बस व दोपहिया वाहन की पार्किंग बनेगी. इसी क्षेत्र में धर्मशाला और अन्नक्षेत्र भी प्रस्तावित हैं. कोबल्ड स्टोन की रोड क्रॉसिंग के जरिये पदयात्रियों की कनेक्टिविटी विकसित की जा रही है.

मृदा प्रोजेक्ट दूसरे चरण में सांस्कृतिक घाट भी

मृदा प्रोजेक्ट दूसरे चरण के अन्तर्गत महाराजवाड़ा परिसर का विकास किया जायेगा. इसमें ऐतिहासिक भवन का हैरिटेज के रूप में पुर्नउपयोग, भवन का आंशिक उपयोग कुंभ संग्रहालय के रूप में पुराने अवशेषों का समावेश करते हुए इस परिसर का महाकाल मन्दिर परिसर से एकीकरण किया जाएगा.स्थानीय कला एवं संस्कृति को दर्शाते हुए सांस्कृतिक हाट का निर्माण होगा.

सिंहस्थ थीम आधारित डायनामिक लाईट शो

रामघाट फसाड ट्रीटमेंट के घटक के तहत रामघाट की ओर जाने वाले पैदल मार्ग का कायाकल्प, फेरी व ठेला व्यवसाईयों के लिए अलग व्यवस्था होगी. वास्तुकलात्मक तत्वों के प्रयोग द्वारा गलियों का सौन्दर्यीकरण व रामघाट पर सिंहस्थ थीम आधारित डायनामिक लाईट शो किया जाएगा.

छोटा रूद्र सागर लेकफ्रंट विकास योजना

इसी तरह छोटा रूद्र सागर लेकफ्रंट विकास योजना के अन्तर्गत लैंडस्केपिंग सहित मनोरंजन केन्द्र, वैदिक वाटिका और योग केन्द्र, मंत्रध्वनि स्थल व पार्किंग का विकास होगा. पार्किंग सूचना केन्द्र व विक्रय केन्द्र का विकास किया जायेगा.

योजना से प्रभावित लोगों का रखा जाएगा ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से विस्थापित होने वाले व्यक्तियों, दुकानदारों, छोटे-मोटे धंधे करने वाले व्यक्तियों का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा. उन्होंने योजना के विभिन्न घटकों का नामकरण उज्जैन की परम्परा एवं संस्कृति के आधार पर करने के लिये कहा. मुख्यमंत्री ने देश और विदेश में इस तरह के निर्माण कार्यों में जहां-जहां अच्छे प्रयोग हुए हैं, उनका अनुकरण करने को कहा

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