हुवावे को दुनिया से मिली आलोचनाओं के बाद यूरोप ने अब अपना 5G सेक्टर अन्य कंपनियों के लिए खोल दिया है

 


जिस समय डोनाल्ड ट्रम्प QUAD देशों के साथ मिलकर चीन के विरुद्ध अघोषित युद्ध छेड़ चुके थे, उस समय यूरोप अपने ढुलमुल रवैये से चीन को काफी राहत दे रहा था। जहां एक ओर भारत, जापान, अमेरिका जैसे देश चीन पर आर्थिक कार्रवाई कर रहे थे, EU चीन के खिलाफ मौन धारण किये हुआ था। किंतु चीन के बर्बाद होते टेक सेक्टर ने अंततः यूरोप को मजबूर किया है कि वह चीन के साथ अपनी दोस्ती पर थोड़ी रोक लगाए और अपना 5G सेक्टर अन्य कंपनियों के लिए खोले।

यूरोप की चार बड़ी कंपनियां, Deutsche Telekom, Telefónica, Vodafone और Orange ने एक बयान में कहा है कि वे ‘Open RAN’ तकनीक के विकास को प्राथमिकता देंगी, जो छोटे सॉफ्टवेयर और उपकरण निर्माताओं को 5G क्षेत्र में आने का मौका देगी।

‘Open RAN’ तकनीक के तहत 5G सप्लाई चेन को छोटे सॉफ्टवेयर और उपकरण निर्माताओं के बीच बांटने का विचार है। निर्माताओं को अपने प्रोडक्ट को एक निश्चित गुणवत्ता के स्तर पर बनाना होगा। छोटे छोटे सॉफ्टवेयर और उपकरणों का निर्माण करने वाले छोटे निर्माता, अपने प्रोडक्ट की गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 5G सप्लाई चेन को ऐसे टुकड़ो में तोड़ा जाए तो सभी छोटे सप्लायर अपने प्रोडक्ट को बनाने में पारंगत हो सकते हैं। ऐसे निर्माता बड़ी कंपनियों से कॉन्ट्रैक्ट के जरिये जुड़ेंगे, और ये बड़ी कंपनियां सभी उपकरणों की असेम्बली करके 5G उपकरण का निर्माण करेंगी।

इसका एक लाभ यह है कि किसी एक कंपनी का 5G तकनीक पर एकाधिकार नहीं रह जाएगा। यह हुवावे से यूरोपीय बाजार को होने वाले संभावित खतरे को भी टालेगा। साथ ही 5G मार्केट में एकाधिकार की समाप्ति नोकिया और एरिक्सन जैसी कंपनियों को भी यूरोपीय बाजार पर वर्चस्व स्थापित करने से रोकेंगी।

Open RAN तकनीक एक अच्छा सुझाव है। यह 5G के लिए बड़ी कंपनियों द्वारा लॉबिंग के असर को कम करेगा तथा प्रतिस्पर्धा को अधिक न्यायपूर्ण बनाएगा। इससे छोटे निर्माताओं को भी अवसर मिलेगा।

Deutsche Telekom, Telefónica, Vodafone और Orange की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वे “यूरोपीय नीति निर्माताओं और उद्योगों को प्रेरित करेंगे कि वे Open RAN ecosystem को अपनाए, जो यूरोप और यूरोपीय उद्योगों को टेक्नोलॉजी नेतृत्व की दौड़ में आगे करेगा।”

वास्तव में 5G मानव जीवन में वह क्रांतिकारी कदम होगा जो भविष्य की आर्थिक, राजनीतिक गतिविधियों का मुख्य संचालक होगा। आज बिग टेक कंपनियों द्वारा लोकत्रांतिक विश्व के समक्ष एक चुनौती प्रस्तुत की जा रही है। उनकी दिनोंदिन बढ़ती शक्ति संप्रभु सरकारों को चिंता में डाल रही है। जैसे हाल ही में गूगल ने ऑस्ट्रेलिया सरकार द्वारा पारित एक नियम के विरोध में, अपना सर्च इंजन बन्द करने की धमकी दे डाली थी। पोलैंड भी बिग टेक को लेकर इस तरह की चिंता व्यक्त कर चुका है।

साथ ही चीन द्वारा लोकतांत्रिक देशों की आंतरिक राजनीति में हस्तक्षेप, उच्च तकनीक की रिवर्स इंजीनियरिंग, डेटा चोरी आदि भी एक चिंता की बात है।

एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि यदि ट्रम्प द्वारा चीन और हुवावे के विरुद्ध माहौल न बनाया गया होता तो विश्व इन समस्याओं के प्रति उतना जागरूक नहीं रहता।

5G के आने के बाद यह समस्याएं और जटिल हो सकती हैं। 5G का किसी एक कंपनी अथवा देश के हाथ में केंद्रीकरण एक गंभीर समस्या बन सकता है। अतः देखा जाए तो Open RAN ecosystem का प्रस्ताव बेहतर रास्ता दे सकता है।

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