80 साल की उम्र में भजन सम्राट नरेंद्र चंचल का निधन, इन गानों से मिली थी प्रसिद्धि

 

NARENDRA-CHANCHAL

वैष्णों माता के भजन ”चलो बुलावा आया” से रातों रात सुपर स्टार बन चुके भजन गायक नरेंद्र चंचल (Narendra Chanchal) का लंबी बीमारी के बाद दिल्ली के अपोलो अस्पताल (Apollo Hospital) में निधन हो गया। वह 80 साल के थे। वह बढ़ती उम्र और कमजोरी की वजह से पिछले दो महीने से अस्पलात में भर्ती थे। खबरों की माने तो उन्होंने आज दोपहर 12 बजे अंतिम सांस ली।

नरेंद्र चंचल का जन्म अमृतसर के नमक हांडी में 16 अक्टूबर 1940 में हुआ था। वहीं उनका पालन पोषण भी बेहद धार्मिक वातावरण में हुआ था। उन्होंने ‘बेनाम’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’ व ‘बॉबी’ जैसी फिल्मों के गाने में भी अपनी आवाज दी है। नरेंद्र चंचल (Narendra Chanchal) ने अपनी बायोग्राफी Midnight Singer में अपने सफर के बारे में सब कुछ लिखा था।

माता से हुए थे प्रेरित 

नरेंद्र चंचल (Narendra Chanchal) को ‘चलो बुलावा आया है’,  ‘बेशक मंदिर मस्जिद तोड़ो’, ‘ओ जंगल के राजा मेरी मैया को लेके आजा’ जैसे गानों से पहचान मिली। वह हर साल 29 दिसंबर को वैष्णों देवी जाते थे और साल के आखिरी दिन माता के भजनों पर परफॉर्म भी करते थे।नरेंद्र चंचल (Narendra Chanchal) ने बचपन से ही अपनी मां कैलाशवती को मातारानी के भजन गाते हुए सुना। इसके चलते उनकी भी रूचि गायकी में बढ़ी। उनके शरारती स्वाभाव की वजह से ही उनके शिक्षक उन्हें चंचल ककर बुलाते थे,जिसे बाद में उन्होंने अपने नाम के आगे जोड़ दिया।

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