किसान बता मानहानि का मुकदमा दायर करने वाले, आम आदमी पार्टी के ही निकले सदस्य!

  


दिल्ली बाॅर्डर पर चल रहे किसान प्रदर्शन के जरिए आम आदमी पार्टी किस तरह से विधानसभा चुनाव (पंजाब) में अपनी स्थिति मजबूत करने में तुली है, ये किसी से छिपा नहीं है । आम आदमी पार्टी ने प्रदर्शनकारियों को भोजन सामग्री, वित्तीय सहायता, वाई-फाई हॉटस्पॉट और कई अन्य सुविधाएं पहले से ही प्रदान कर रखी है। यहां तक कि अपने चुनावी घोषणापत्र में ऐलान के बावजूद दिल्लीवालों को Free Wi-Fi मुहैया कराने में नाकामयाब साबित हुई AAP, प्रदर्शनकारियों को दिल्लीवालों के पैसे से ही Free Wi-Fi की सुविधा दे रही है।

इतना काफी नहीं था कि, पार्टी ने किसान आंदोलन की आड़ में नेताओं और मशहूर हस्तियों के खिलाफ मानहानि के मुकदमे दायर करने में कुछ किसानों को अपनी ओर से कानूनी सहायता भी प्रदान की और आगे भी इसी प्रकार की सहायता जारी रखने का वादा किया है

पार्टी ने अपने ट्विटर अकाउंट से सूचना देते हुए कहा कि, “महत्वपूर्ण: जैसा कि वादा किया गया था, आम आदमी पार्टी ने किसानों के विरोध को रोकने के लिए निम्नलिखित किसानों को कानूनी नोटिस भेजने में मदद की- जीवन ज्योत कौर ने कंगना रनौत, नरेंद्र सिंह ने रमेश बिधूड़ी, सुखविंदर सुखी ने मनोज तिवारी, गुरिंदर बीरिंग ने रवि किशन, और चेतन सिंह ने रावसाहेब को नोटिस भेजा है ।


पार्टी ने दावा किया कि नोटिस भेजने वाले सभी किसान हैं और मानहानि के मामलों को दायर करने में इन्हें कानूनी सहायता की आवश्यकता थी और यही कारण है कि पार्टी उनकी मदद के लिए आगे आई ।

हालाँकि, बाद में यह एक दिलचस्प बात सामने आई कि मामले दायर करने वाले, ये सभी किसान आम आदमी पार्टी के सदस्य हैं।

किसान के नाम पर AAP के सदस्यों ने दायर  किया मानहानि का नोटिस 

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, नरेंद्र सिंह शेरगिल, जिन्हें आम आदमी पार्टी ने रमेश बिधूड़ी-भाजपा सांसद को दिल्ली से कानूनी नोटिस भेजने में मदद की, वह AAP सदस्य हैं और उन्होंने मोहाली से विधानसभा चुनाव और रोपड़ से संसदीय चुनाव लड़ा है।

जीवन ज्योत कौर, जिन्होंने कंगना रनौत को कानूनी नोटिस भेजा है, वो AAP पंजाब की महिला शाखा से जुड़ी हुई हैं। गुरिंदर सिंह बीरिंग, जिन्होंने बीजेपी सांसद रवि किशन को कानूनी नोटिस भेजा है, वो भी AAP से जुड़े है और 2017 विधानसभा चुनाव के लिए AAP के वॉर रूम का हिस्सा थे। भाजपा सांसद मनोज तिवारी को कानूनी नोटिस भेजने वाले सुखविंदर पॉल सुखी जो एक गायक भी हैं वो भी पंजाब के मनसा जिले में AAP से जुड़े हैं।

हर बार जब आम आदमी पार्टी बौद्धिक रूप से कुछ करने का प्रयास करती है, तो वह अंततः उनका प्रयास मूर्खतापूर्ण व पूर्णतः राजनीति से प्रेरित साबित होता है, और इस मामले में भी ऐसा ही हुआ।

कृषि कानूनों के मुद्दे पर, शुरू से ही आम आदमी पार्टी की बयानबाजी फ्लिप-फ्लॉप और यू-टर्न में भरी रही है। देश की संसद द्वारा पारित कृषि कानूनों को लागू करने के लिए पहले दिल्ली सरकार ने notification जारी किया और फिर विरोध प्रदर्शनों को देख AAP प्रमुख केजरीवाल के कानूनों की कापियों को फाड़ दिया।

मज़े की बात तो ये है कि, 2017 के पंजाब चुनावों के लिए आम आदमी पार्टी ने पंजाब चुनावों के मद्देनजर कृषि क्षेत्र में बदलाव व APMC का वादा किया था लेकिन अब वही AAP इन कानूनों के विरोध में प्रदर्शन की आग को नए-नए तरीकों से हवा दे रही है।

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