कोरोना वैक्सीन पर कांग्रेस नेता ने उठाए सवाल, पूछा- सुरक्षित है तो क्यों नहीं लगवाई किसी मंत्री ने

 

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के खिलाफ अंतिम युद्ध शुरू चुका है। टीकाकरण अभियान की शुरुआत पीएम नरेंद्र मोदी ने की है। इस बीच कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी कोरोना टीकों के इस्तेमाल की मंजूरी की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। मनीष तिवारी का कहना है कि, अगर कोरोना वैक्सीन सुरक्षित है तो फिर सबसे पहले केंद्र सरकार के किसी मंत्री ने वैक्सीन क्यों नहीं लगवाई। उन्होंने वैक्सीन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि, वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की स्वीकृति देने के लिए कोई नीतिगत ढांचा नहीं है।

कांग्रेस नेता ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, टीकाकरण की शुरुआत हो गई है और ये बिलकुल अजीबों-गरीब है कि, भारत के पास वैक्सीन के आपात उपयोग को अधिकृत करने का कोई नीतिगत ढांचा नहीं है। उसके बाद भी दो वैक्सीन को आपात स्थिति में नियंत्रित उपयोग की अनुमति दे दी गई। उन्होंने कहा कि, कोवैक्सीन की अलग ही कहानी है, जिसे बिना उचित प्रक्रिया के ही अनुमति दे दी गई। मोदी सरकार पर मनीष तिवारी ने निशाना साधते हुए कहा कि, पीएम दावा कर रहे हैं कि, कोरोना वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावकारी है।

अब वो ये भी बताएं कि, अगर ऐसा है तो फिर किसी केंद्रीय मंत्री ने सबसे पहले कोरोना वैक्सीन क्यों नहीं लगवाई।गौरतलब है कि, देश में आज से कोरोना के खिलाफ टीकाकरण के अभियान की शुरुआत हो गई है। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी भावुक भी हो गए और कोरोना काल के समय को याद करते हुए उनकी आंखे नम हो गईं और उनका गला भी भर आया। पीएम ने ने कहा कि, हमे को लोग छोड़कर चले गए हैं, उन्हें वैसी विदाई नहीं मिली, जिसके वो हक़दार थे। संकट के उस दौर में कोई आशा का भी संचार कर रहा था।

अपनी जान को मुश्किल में डालकर हमे बचाने का काम कर रहा था। पीएम ने कहा कि, हमारे डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, आशा वर्कर्स, सफाई कर्मचारी, पुलिस ने अपने दायित्व को निभाया है। वो इस दौरान अपने परिवार से दूर रहे, कई दिनों तक तो घर भी नहीं गए। ऐसे भी सैकड़ों साथी रहे, जो कभी वापस घर भी नहीं जा पाए। एक-एक जिंदगी को बचाने के लिए उन्होंने खुद के जीवन की आहुति दे दी। यही वजह है कि, कोरोना का पहला टीका स्वास्थ्य सेवा से सम्बंधित लोगों को लगाकर समाज एक तरह से अपना कर्ज चुका रहा है।

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