वैक्सीन के मामले में भारत ने मारी बाजी, अब भी चीन का मुंह ताक रहा है पाकिस्तान


imran khan

इस्लामाबाद। भारत में 16 जनवरी से दो-दो वैक्सीन के साथ कोरोना टीकाकरण अभियान की शरुआत हो गयी है लेकिन पड़ोसी पाकिस्तान अपने मित्र चीन की मदद की आस में बैठा है। पाकिस्तान में अभी तक टीके खरीदने को निर्यात के लिए न अंतिम ऑर्डर दिए हैं और न ही किसी वैक्सीन बनाने वाली कंपनी से आपूर्ति को लेकर कोई बात की गई है। भारत को चुनौती देने वाली इमरान खान की सरकार कोरोना मामले में काफी पीछे चल रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विशेष स्वास्थ्य सहायक डॉ. फैसल खान ने कहा कि हम अपने फ्रंटलाइन वर्कर और अन्य लोगों के लिए जल्द से जल्द कोविड-19 वैक्सीन का पहला बैच प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी भी वैक्सीन निर्माता कंपनी को अंतिम ऑर्डर अभी तक नहीं दिया गया है। चीनी राज्य के स्वामित्व वाली कंपनी सिनोफार्मा से कोरोना वैक्सीन आयात करने में एकमात्र बाधा का जल्द ही हल निकाल लिया जाएगा।

वैक्सीन के पहले चरण के परीक्षण के अंतिम चरण में पहुंचने की बात कही गई थी। पाकिस्तान में कोरोना के कुल 514,338 मामले सामने आ चुके हैं। अभी तक देश में 10,863 मरीजों की मौत हो चुकी है। देश के शीर्ष स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने कहा कि हालांकि चीन के सिनफार्मा ने ड्रग नियामक प्राधिकरण के साथ अपना डेटा जमा किया है लेकिन इसकी खरीद पर कोई समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि दूसरा टीका उम्मीदवार कैन्सिनो है जिसका परीक्षण अभी चल रहा है।

यह कम्पनी अपना डेटा सबमिट करने से कुछ हफ़्ते दूर हैं। हम रूसी वैक्सीन स्पुतनिक वी में भी दिलचस्पी दिखाई है जिन्होंने कुछ डेटा जमा किए हैं लेकिन हमने उनसे कोई डेटा नहीं मांगा है। उन्होंने कहा कि हम कोवाक्स सुविधा और प्रत्यक्ष खरीद के माध्यम से एस्ट्राजेनेका वैक्सीन प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। यह रहस्योद्घाटन तब होता है जब कई देशों ने पहले ही कोविड-19 की टीकाकरण शुरू कर दिया है। अभी तक कोरोना की तैयारियों को देखा जाये तो पाकिस्तान काफी पिछड़ चुका है।

close