कूड़ाघर में मिले कई गायों के शव, वाराणसी प्रशासन ने दी यह सफाई

  

वाराणसी। गायों की सुरक्षा को लेकर भाजपा की तरफ से उठाए गए कदमों के बाद देशभर में गायों को लेकर चिंता बढ़ गई है। कल तक जो लोग गाय काटने के पक्ष में थे वो आज गाय संरक्षण की बात करने लगे हैं। वहीं भाजपा सरकार अपनी कथनी और करनी में अंतर को लेकर लगातार विपक्ष के निशाने पर है। उत्तर प्रदेश में गौ संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौशालाओं का निर्माण करवा दिया। लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते यही गौशालाएं गायों को मारने का सबसे बड़ा केंद्र बन गए हैं। यह हम नहीं बल्कि प्रदेश के विभिन्न गौशालाओं में रख-रखाव के अभाव में मर रही गायों की संख्या बता रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से ऐसी खबर आ रही है, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं। यहां के कूड़ाघरों में गायों के शव मिले हैं, जिन्हें देखकर यह लगता है कि कोई दर्दनाक तरीके से फेंक गया है।

चर्चा है कि ठंड और शीतलहर की वजह से सोमवार को वाराणसी में छुट्टा पशुओं की रिकॉर्ड मौत हुई है। वहीं शहर के आदमपुर कूड़ाघर में कई गायों के शव बरामद हुए हैं, जिसके बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वहीं इस बारे में अधिकारियों का कहना है कि शवों के निस्तारण के पहले कूड़ाघर में जानवरों के शव का इकट्ठा किया जाता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह कुछ लोगों की शरारत भी हो सकती है। अब यहां निगरानी बढ़ाई जाएगी और ऐसा करने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा नगरी व्यवस्था के तहत शहर के घरों से निकलने वाले कूड़ा-कचरा के निस्तारण से पहले नगर के कूड़ाघरों में इसे इकट्ठा किया जाता है। वहीं क्षेत्र में कूड़े के साथ ही जानवरों के शव भी फेंक दिए जाते हैं।

गौरतलब है कि वाराणसी के आदमपुर में सोमवार की रात ऐसा मामला सामने आया जिससे हर कोई हैरान रह गया। यहां के कूड़ाघर में डेढ़ दर्जन से अधिक गायों के शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वहीं क्षेत्र के रहने वाले लोगों ने और नगर निगम के सफाई कर्मियों ने दुर्गंध और संक्रमण फैलने को लेकर इसकी शिकायत क्षेत्रीय पार्षद और अधिकारियों से की। लेकिन अभी तक किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है। लोगों का कहना है कि सर्दी की वजह से दुर्गंध से थोड़ी राहत है, वरना घरों में रहना मुश्किल हो जाता।

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