महाराष्ट्र के सामाजिक और न्याय मंत्री हैं, बलात्कार के आरोपी! उन्हें पद से हटाने की मांग हुई तेज

  


महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार सुशासन और महिला सुरक्षा के प्रति कितना प्रतिबद्ध है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनका सामाजिक न्याय मंत्री ही दुष्कर्म के गंभीर आरोपों से घिरा हुआ है। हाल ही में एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में सामाजिक नये मंत्री धनंजय मुंडे के विरुद्ध दुष्कर्म के आरोप लगाए गए हैं।

11 जनवरी को ओशीवाड़ा पुलिस थाना में दर्ज कराए गए मुकदमे के अंतर्गत एडवोकेट रमेश त्रिपाठी ने बताया, “पीड़ित धनंजय मुंडे को 1997 से जानती थी। फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के नाम पर उसका वर्षों से शोषण होता रहा। 2008 में उसके साथ पहली बार शोषण हुआ, जब वह अपने घर पर अकेली थी। इसके बाद कई वर्षों तक उसका शोषण होता रहा, और हर बार वह विवाह का वादा करता। 2019 में उसने विवाह करने से मना कर दिया, और उसने कहा कि यदि उसने उसके विरुद्ध कुछ भी किया, तो वह उसकी वीडियो सोशल मीडिया पर लीक करा देगा। ” पीडिता ने स्वयं अपनी व्यथा सोशल मीडिया पर बताते हुए कहा, “मेरा जीवन खतरे में है” 

भाजपा ने इस विषय पर आक्रामक रुख अपनाते हुए उक्त मंत्री के इस्तीफे की मांग की है, और इस विषय पर भाजपा के महिला मोर्चा ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखते हुए त्वरित जांच की मांग की है। महिला मोर्चा का प्रतिनिधित्व कर रही उमा खपरे ने कहा, “सामाजिक न्याय मंत्री धनंजय मुंडे ने स्वयं स्वीकार किया है कि उनकी दो दो बीवी है। हमारे हिन्दू विवाह एक्ट के अनुसार यह गैर कानूनी है। अगर धनंजय मुंडे इस्तीफा नहीं देते हैं, तो हम सड़कों पर उतर आएंगे।”

उमा ने आगे ट्वीट किया, “आपने एक ऐसे मंत्री को सामाजिक न्याय मंत्री बनाया है, जो न सिर्फ गैर जिम्मेदार है, परंतु उनपर गंभीर आरोप लगे है। ये समाज के लिए बेहद हानिकारक है। हम इनके तत्काल इस्तीफे की मांग करते हैं, अन्यथा भाजपा महिला मोर्चा इनके विरुद्ध भारी विरोध प्रदर्शन करेगा” 

भाजपा महिला मोर्चा का अनुमोदन कर रहे भाजपाई नेता किरीट सोमैया ने ट्वीट किया, “जिस व्यक्ति पर ऐसे प्रकार के आरोप लगे हैं, उस व्यक्ति को महाराष्ट्र कैबिनेट में रहने का कोई अधिकार नहीं है” –

जब महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री अपने घर का आचरण ही ठीक नहीं रख पा रहे, तो वे राज्य में अन्य महिलाओं की सुरक्षा क्या ही करेंगे। ऐसे में धनंजय मुंडे के ऊपर आरोप न सिर्फ महाराष्ट्र प्रशासन के लिए हानिकारक हैं, बल्कि एक्शन न लेने पर उद्धव सरकार के पतन का प्रमुख कारण बन सकता है।

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