भारत के इस कदम से खौफ में चीन, अब बेचारे ड्रैगन को लेनी पड़ रही है पाकिस्तान की मदद

भारत के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए भले ही चीन और पाकिस्तान एक हो जाए, लेकिन एक बात तो आइने की तरह साफ है कि  चाहे ये दोनों मिलकर कुछ भी कर लें, मगर भारत का कुछ नहीं बिागड़ सकते हैं। इसका अंदाजा आप विगत दिनों हुए कई वाकयों से लगा सकते हैं जिससे यह सा्फ जाहिर हो रहा है कि भले ही ड्रैगन सैकड़ों कोशिश कर लें, लेकिन भारत का कुछ नहीं बिगाड़ सकते। हालांकि ऐसा नहीं है कि इन दोनों मुल्कों ने कभी एकता की नईया में सवार होकर भारत के खिलाफ मोर्चा न खोला हो..लेकिन उल्टा मुंह की खानी पड़ी है। 

वहीं जब से भारतीय वायुसेना के हिस्से में अपने अचूक निशाने से दुश्मनों के छक्के छुड़ाने वाला राफेल भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल हुआ है, तब से तो यूं समझिए की ड्रैगन के रातों की नींद.. चैन.. करार सब कुछ जा चुका है। उसकी बैचेनी का आलम यह है कि  उसे कुछ समझ नहीं आ रहा है  कि क्या करें और क्या न करें।  उसकी बेबसी का अंदाजा आप महज इसी से लगा सकते हैं कि कल तक उसी के टुकड़ों पर पलने वाले पाकिस्तान का उसे सहारा लेना पड़ रहा है। भारतीय सुरक्षा बेड़े में हुई राफेल की एंट्री से ड्रैगन इस कदर खौफजदा हो चुका है कि उसे पाकिस्तान का सहारा लेना पड़ रहा है।

वो कैसे…तो वैसे ही चीन अब पाकिस्तान से मिलकर राफेल की मार से अपने आपको महफूज करने के लिए हवाई पट्टियों को अपडेट कर रहा है। ड्रैगन अब  कुछ नए तरीकों के हैंगर बना रहा है। बताया जा रहा है  कि विगत दिनों हुए बालाकोट एयरस्ट्राइक से भी सबक लेते हुए चीन अपने सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव कर रहा है। बता दें कि भारतीय वायुसेना ने आतंकियों के कैम्प को ग्रांउड पैनिट्रेटिंग बम से उन्हें निशाने पर लिया था। चीन इस बात को बखूबी जानता है, चूंकि वो शुरू से ही भारत के हर कदम पर पैनी निगाहें रखता हुआ आया है, लिहाजा वे अपने हर कदम से बहुत सारी बातों को ध्यान में रखते हुए कदम उठा रहा है। इसके लिए हैंगर की दीवारों को 3ं मीटर मोटा बनाया गया है।  हैंगर का गेट सिंगल पीस हाई स्ट्रांग स्टील प्लेट से तैयार किया जा रहा है।  300 से 500 किलो के बॉम्ब, क्रूज़ मिसाइल और ग्रांउड पैनिट्रेटिंग बम  से हमला हो  तो उससे भी महफूज रहा जा सकता है।  कुछ इस तरह से चीन अपने आपको तैयार कर रहा है। भारतीय सुरक्षा बेड़े में हुई राफेल की एंट्री से ड्रैगन इस कदर बौखलाया हुआ है कि अपने एयरफोर्स स्टेशनों को अपडेट करना भी शुरू कर चुका है।

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