गोभी की कम कीमत से लागत और मजदूरी निकाल पाना किसानों के लिए मुश्किल


नई दिल्ली: आजकल बाजारों में 8 से 10 रुपये किलो में बिकने वाली गोभी जहां एक तरफ आम लोगों के खाने का स्वाद बढ़ा रही हैं वहीं दूसरी तरफ उसकी कम कीमत के कारण किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

मंडी में 3 से 5 रुपये किलो बिक रही गोभी
मंडी में अपनी गोभी बेचने आए बलवान ने बताया कि शुरू में गोभी की अच्छी कीमत मिल रही थी. लेकिन अब मंडी में गोभी 3 से 5 रुपये किलो में बिक रही है, जिससे ना तो किसानों की लागत निकल पा रही हैं और ना ही मजदूरी.

पिछले साल 15 से 20 रुपये किलो बिकी गोभी
वहीं मंडी में दुकान लगा रहे दुकानदार ने बताया कि जो कीमत इस वक्त गोभी की है वह आज से पहले कभी नहीं थी. उन्होंने बताया कि गोभी पिछले साल भी मंडी में 15 से 20 रुपये किलो बिक रही थी. जिससे किसानों को कुछ फायदा भी हुआ था. लेकिन इस बार गोभी 3 से 5 रुपये किलो ही बिक रही है.

मजदूरी और लागत निकाल पाना मुश्किल
झाड़ौदा कला गांव के किसान सत्यवान ने बताया कि वह 45 रुपये किलो में गोभी की खेती करते हैं. उन्होंने बताया कि गोभी को उगाने और मंडी तक लाने में उन्हें कुछ 33 से 34 हजार की लागत लगती है. लेकिन 3 से 5 रुपये किलो के बीच बिकने वाली गोभी ना तो उनकी मजदूरी निकाल पा रही है और ना ही उनकी लागत.

गोभी 9 से 10 रुपये किलो में पहुंच रही लोगों के घर
किसानों से 3 से 5 रुपये में गोभी खरीद रहे मंडी के दुकानदार छोटे दुकानदारों को यह गोभी 6 से 8 रुपये किलो में बेच रहे हैं. इसके बाद बाजारों में यह गोभी 9 से 10 रुपये किलो तक बेची जा रही है.

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