घर में रखी है शराब तो पड़ जायेंगे लेने के देने, आधी रात योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है

  

घर में रखी है शराब तो पड़ जायेंगे लेने के देने, आधी रात योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है

आजकल कई घरों में बार का चलन हो गया है, लोग होम बार कॉन्‍सेप्‍ट को पसंद करते हैं और अपनी लाइफस्‍टाइल में इसे एक जरूरी हिस्‍सा मानकर घर के एक कोने में अपनी पसंद से बार बना लेते हैं । लेकिन अब तक जहां आप ऐसा अपनी मर्जी से कर सकते थे, वहीं अब सरकार आपसे इसे लेकर सवाल करने वाली है । यानी अगर आपके घर में लिकर स्‍टोर कर रखी हुई है, और आप उत्‍तर प्रदेश में ही रहते हैं तो आपको योगी सरकार की नइ आबकारी नीति के बारे में अभी जानना होगा ।

नई आबकारी नीति
योगी सरकार की ओर से मंजूर की गई नई आबकारी नीति में कई अहम फैसले किए गए हैं, यूपी सरकार ने निजी प्रयोग या पर्सनल बार के लिए भी निर्धारित
 फुटकर सीमा से अधिक शराब रखने पर लाइसेंस लेने का प्रावधान कर दिया है । आबकारी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय आर. भूसरेड्डी के मुताबिक प्रदेश की नई आबकारी नीति के तहत निजी प्रयोग के लिए व्यक्तियों को निर्धारित फुटकर सीमा से अधिक मदिरा क्रय, परिवहन या निजी कब्जे में रखने के लिए लाइसेंस लेना होगा।

शराब रखने की लिमिट
नइ र्आबाकरी नीति में, अगर आप घर पर अधिक मात्रा में 
शराब रखना चाहते हैं तो आपको निर्धारित शर्तो के अधीन प्रत्येक वर्ष 12,000 रुपए लाइसेंस फीस और प्रतिभूति धनराशि 51,000 रुपये जमा करनी पड़ेगी । नई नीति के तहत प्रति व्यक्ति या एक घर मे सिर्फ छह लीटर मदिरा के क्रय, परिवहन या निजी कब्जे में रखने की सीमा निर्धारित है, इससे ज्‍यादा शराब रखने पर आबकारी विभाग से लाइसेंस लेना होगा ।

वार्षिक लाइसेंस फीस में वृद्धि
अधिकारी ने बताया कि योगी सरकार ने आबकारी विभाग के गत वर्ष 2020-21 के 28,300 करोड़ रुपए के मुकाबले इस वर्ष 2021-22 में करीब 6 हजार करोड़ अधिक 34,500 करोड़ रुपए के राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा है । इस वजह से देशी मदिरा, विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों और मॉडल शॉप की वर्ष 2021-22 के लिए वार्षिक लाइसेंस फीस में 7.5 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है, जबकि बीयर की फुटकर दुकान लाइसेंस फीस में कोई वृद्धि नहीं की गई है । उन्होंने आगे बताया कि ‘नई नीति के तहत प्रदेश में शराब उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में उत्पादित फल से प्रदेश में निर्मित शराब आगामी पांच वर्ष के लिए प्रतिफल शुल्क से मुक्त होगी । विंटनरी अपने परिसर में स्थानीय उत्पादित वाइन की फुटकर बिक्री कर सकेगी ।
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