भारतीय ने कंगाल पाकिस्तान को बताई उसकी औकात, पैसे नहीं चुकाने पर जब्त किया था प्लेन


पाकिस्तान बदहाली के बुरे दौर से गुजर रहा है. कंगाली इस कदर है कि इंटरनेशनल बेइज्जती हो रही है. मलेशिया में पाकिस्‍तान की सरकारी विमानन कंपनी पाकिस्‍तान इंटरनैशनल एयरलाइन्‍स के विमान को जब्त करने की खबर आई थी. बताया गया था कि पाकिस्तान ने लीज पर लिए गए यात्री विमान का बकाया नहीं चुकाया था. अब जो खबर आई है वो चौंकाने वाली है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जिस कंपनी ने यह विमान लीज पर दिया था, उसका मालिक भारतीय है.

कुआलालंपुर एयरपोर्ट पर जब विमान को जब्त किया गया. उस वक्त विमान में यात्री और चालक दल सवार था. घटना के बाद पाकिस्तान के द नेशन समेत कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जिस कंपनी ने पाकिस्तान इंटरनैशनल एयरलाइंस को यह बोइंग 777 यात्री विमान लीज पर दिया था, उसके मालिक और डायरेक्टर भारतीय हैं. पैसे नहीं चुकाने पर विमान को जब्त किया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कंपनी का दफ्तर दुबई में है, जहां भारतीय मूल के कर्मचारी काम करते हैं.

दरअसल, पिछले साल मई में कराची एयरपोर्ट के पास एक रिहायशी इलाके में विमान क्रैश होने के बाद पाकिस्तानी एयर सेवा में फर्जीवाड़े और लापरवाही के कई मामले उजागर हुए थे. यहां तक कि देश के उड्डयन मंत्री सरवर खान ने कुछ समय पहले आरोप लगाया था कि पीआईए के करीब चालीस फीसदी पायलट फर्जी होते हैं. यही नहीं इमरान खान की पार्टी की प्रवक्ता ने कहा है कि यह बात भी सबको पता है कि पीआईए स्टाफ पहले कई तस्करी में पकड़ा जाता रहा है.

बता दें कि पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे देश को इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ा था आरोपों के सामने आने के बाद यूरोपियन यूनियन ने अपने यहां पीआईए के विमानों की एंट्री रोक दी थी. यही नहीं, कम से कम 188 देशों में पाकिस्तानी पायलटों को बैन किए जाने का खतरा पैदा हो गया था. कराची क्रैश के बाद सरवर खान ने कहा था कि पिछले साल एक जांच में पता चला है कि पाकिस्तान के 860 ऐक्टिव पायलट्स में से 262 पायलट्स के पास या तो फर्जी लाइसेंस थे या उन्होंने अपने एग्जाम में चीटिंग की थी. उन्होंने कहा कि इन पायलट्स ने न कभी एग्जाम दिया होता है और न इनके पास प्लेन उड़ाने का सही अनुभव होता है. खान ने कहा कि दुर्भाग्य से पायट्स की नियुक्ति राजनीतिक आधार पर होती है.

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