राजपथ पर पड़ेंगे 'राम' के कदम, रथ पर होंगे 'पागल दास'

 


अयोध्या: 9 नवंबर 2019 से पहले अयोध्या में कई दशकों से चल रहे मस्जिद और मंदिर विवाद के चलते इस प्राचीन आध्यात्मिक नगरी की पहचान पूरी दुनिया में एक सांप्रदायिक विवाद के कारण बनी रही. लेकिन सुप्रीम कोर्ट की विशेष अदालत द्वारा इस ऐतिहासिक मुकदमे पर दिए गए फैसले के बाद अयोध्या को एक नई पहचान मिल गई है. निश्चित रूप से गणतंत्र दिवस की परेड में अयोध्या के राम मंदिर मॉडल और अयोध्या की संस्कृति परंपरा को शामिल करने से इस आध्यात्मिक नगरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान मिलेगी.

रथ पर दिखेगा राम मंदिर का मॉडल
संस्कृति विभाग से जुड़े अयोध्या शोध संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी राम तीर्थ ने बताया कि 26 जनवरी को दिल्ली के राजपथ पर होने वाली परेड में भगवान राम के मंदिर के मॉडल के अलावा अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव की झांकियों को रथ के पैनल पर प्रदर्शित किया जाएगा. इसके अतिरिक्त मृदंग सम्राट अयोध्या के प्रसिद्ध संगीतज्ञ बाबा राम शंकर दास उर्फ पागल दास की प्रतिमा को भी झांकी में स्थान मिला है. इस झांकी में अयोध्या से जुड़ी कई अन्य महत्वपूर्ण बातों को भी शामिल किया गया है. झांकी में दिल्ली और मथुरा के कलाकारों को रामलीला के प्रदर्शन के लिए शामिल किया गया है, जिनकी संख्या करीब 20 है.

रथ पर सबसे आगे गुरु विश्वामित्र की प्रतिमा
अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को समेटे इस भव्य झांकी में सबसे आगे भगवान राम के गुरु विश्वामित्र जी की प्रतिमा को स्थान मिला है, जिसके पीछे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मृदंग आचार्य राम शंकर दास उर्फ बाबा पागल दास की प्रतिमा मृदंग वादन करते हुए मौजूद हैं. उसके पीछे भगवान राम के भव्य मंदिर का मॉडल दर्शाया गया है. इसके अतिरिक्त इस रथ के चारों तरफ लगाए गए पैनल पर अयोध्या में लगातार 4 वर्षों से हो रहे दीपोत्सव कार्यक्रम की भव्य तस्वीरें प्रदर्शित की जाएंगी. दिल्ली और मथुरा के कलाकारों द्वारा रामलीला के दृश्यों में शबरी के जूठे बेर खाते हुए, निषादराज को गले लगाते हुए, भगवान राम और केवट को आशीर्वाद देने समेत अन्य दृश्यों का मंचन रामलीला से जुड़े कलाकार प्रस्तुत करेंगे.

सांसद और संतों ने पीएम को दिया धन्यवाद
राजपथ की परेड में अयोध्या के राम मंदिर के मॉडल और इस प्राचीन नगरी की संस्कृति परंपरा को स्थान देने पर फैजाबाद से भाजपा सांसद लल्लू सिंह ने देश के प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया है. वहीं परेड में राम मंदिर मॉडल को शामिल किए जाने पर रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा है कि भगवान राम की महिमा पूरी दुनिया में लोग जानते हैं. लेकिन इस परेड के जरिए के पर्यटन पटल पर अयोध्या को एक बड़ा स्थान मिलेगा.

अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष सनकादिक आश्रम के महंत कन्हैया दास ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण शुरू होना पूरे देश नहीं पूरी दुनिया के सनातन धर्मियों के लिए हर्षोल्लास का विषय है. ऐसे में भगवान राम के मंदिर को गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल कर देश की सरकार ने सनातन धर्म का और राम भक्तों का जो सम्मान किया है, उसके लिए हम देश के प्रधानमंत्री और राज्य सरकार का धन्यवाद ज्ञापित करते हैं.


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