जय श्री राम के नारे से खफा हुईं ममता, तो नुसरत जहां ने कही ऐसी बात, जिसे सुनकर बहुत खुश हो गई दीदी

 


 बंगाल में बवाल है..क्योंकि बंगाल में चुनाव है.. कल तक वीरान रहने वाली हर गलियां आज यहां गुलजार हैं..  कहीं चेहरों में बहार तो कहीं बेहाल है.. आखिर हो भी क्यों न.. क्योंकि बंगाल में तो चुनाव है.. और इतिहास इस बात का साक्षी रहा है कि जब-जब बंगाल में चुनावी मौसम आया तब-तब बवालों का सिलसिला भी शुरू हुआ है। और अब इस बार  फिर बलावों के सिलसिले का आगाज जय श्री राम के नारे के साथ हुआ। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बर्दाश्त नहीं हुआ कि किसी ने उनके सामने आखिर जय श्री राम कैसे कह दिया।  आखिर कोई कैसे इतनी हिम्मत जुटा सकता है। 

यहां हम आपको बताते चले कि जब कल सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर विक्टोरिया मेमोरियल हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करने के लिए जैसे ही ममता बनर्जी मंच पर पहुंची तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने जय श्री राम के नारे लगा दिए। जिसे सुनकर ममता का पारा सातंवें आसमान पर पहुंच गया। आंखों में आक्रोेश.. दिल में प्रतिशोध की भावना.. तिलमिलाती हुई आवाज उनकी नाराजगी को व्यक्त के लिए पर्याप्त रही, लेकिन मंच से रूखसत होने से पहले उन्होंने जो कहा कि वो इस समय खासा चर्चा में है। यही नहीं.. अब इसके अलग-अलग मायने भी निकाले जा रहे हैं। मंच से जाते ममता ने कहा कि यह राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि यह एक जन कार्यक्रम है। जिसमें मुख्तलिफ किस्म के लोग शामिल हुए हैं। उनके इस बयान से साफ होता है कि उनका इशारा बीजेपी की ओर था।

उधऱ,  ममता बनर्जी की बेरुखी पर बीजेपी मोर्चा खोल चुकी है। एक-एक करके बीजेपी के तमाम सियासी सूरमा ममता बनर्जी की इस बेरूखी पर गरज रहे हैं। बीजेपी बस एक ही सुर में यही सवाल उ़ठा रही है कि आखिर दीदी को जय श्री राम से क्या परेशानी है। सियासी गलियारों में इसे लेकर अब बहस तक छिड़ चुकी है।  वहीं , ममता बनर्जी ने मंच से रूखसत होने से पहले कहा कि किसी को इस तरह आमंत्रित करके अपमान करना आपको शोभा नहीं देता है, लेकिन मैं आपकी आभारी हूं कि आपने मुझे इस कार्यक्रम में निमंत्रित किया, लेकिन बीजेपी सवाल उठा रही है कि आखिर किसी के जय श्री राम कह  देने से भर से ममता का अपमान कैसे हो गया।

वहीं, कल तक  गाहे बगाहे बीजेपी की सुर में सुर मिलाने वाली नुसरत जहां ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का साथ देते हुए कहा कि मैं एक सरकारी कार्यक्रम में किसी राजनीति और धार्मिक नारेबाजी की कड़ी निंदा करती हूं।  उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा है, ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस ऐसे नेता थे, जिन्होंने बंगाल को उत्पीड़न के खिलाफ लड़ना सिखाया था। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान हर भारतीय के मन में रहेगा! देश नायक दिवस पर, बंगाल महान नेताजी को नमन करता है। ‘  उधर, नुसरत जहां का यह ट्वीट अभी खासा चर्चा में है। 

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