मध्य प्रदेश: शनिवार को तीन स्थानों पर होगा वैक्सीनेशन का ट्रायल रन


भोपाल। बीता साल भले ही कोरोना के बुरे सपने जैसा गुजरा हो, लेकिन नया साल इससे निजात मिलने की उम्मीद के साथ आया है. कोरोना से छुटकारा पाने के लिए वैक्सीनेशन की तैयारियां शुरू हो गई है. भोपाल में शनिवार को तीन स्थानों पर इसका ट्रायल रन किया जाएगा. ट्रायल रन को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जिले के आला अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की.

भोपाल के तीन स्थानों पर होगा ट्रायल रन

कोरोना वैक्सीनेशन का ट्रायल रन के लिए शहर के 3 स्थानों को चुना गया है. यह भोपाल के गोविंदपुरा आरोग्य केंद्र, गांधीनगर उप स्वास्थ्य केंद्र और एलएन मेडिकल कॉलेज में किया जाएगा. ट्रायल रन को लेकर अधिकारियों ने जयप्रकाश जिला हॉस्पिटल में इसकी समीक्षा की. अधिकारियों के मुताबिक ट्रायल रन के लिए भोपाल की तीन अलग-अलग छोर के केंद्रों को चुना गया है जिससे वैक्सीनेशन में आने वाली समस्याओं को पहले ही दूर किया जा सके.

15 मिनट में पहुंचेगी केंद्रों तक वैक्सीन

वैक्सीनेशन सुबह 9:00 बजे से शुरू होगा. इसके लिए डमी वैक्सीन सुबह 8 बजे जिला अस्पताल जेपी हॉस्पिटल से केंद्रों के लिए रवाना की जाएगी. यह वैक्सीन 15 मिनट में केंद्रों तक पहुंच जाएगी. वैक्सीनेशन केंद्र पर कुल पच्चीस- पच्चीस लोगों की टीमें बनाई गई है. इसमें 5 डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम शामिल है. स्वास्थ्य केंद्रों के बाहर क्राउड मैनेजमेंट के लिए भी व्यवस्था की जाएगी. हालांकि वैक्सीन के स्टोरेज के लिए डीप फ्रीजर हॉस्पिटल अभी नहीं आ सके हैं. इसको लेकर भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया का कहना है कि ट्रायल रन में किसी को भी मैसेज देकर नहीं बुलाया गया है. यह ट्रायल सिर्फ विभाग की व्यवस्थाओं को देखने के लिए है ताकि यदि कोई कमी पाई जाती है तो उसमें पहले ही सुधार किया जा सके.

एप पर दर्ज होगी जानकारी

कोरोना की वैक्सीन लगवाने वालों की जानकारी दर्ज करने के लिए कोविन एप तैयार किया गया है. इस ऐप पर जानकारी दर्ज कर देखा जाएगा कि कोई समस्या तो नहीं आ रही. पांच चरणों में होगा वैक्सीनेशन.

  • वैक्सीनेशन का ट्रायल रन केंद्र पर पांच चरणों में पूरा होगा. वैक्सीनेशन के लिए लोगों को पहले ही आईडेंटिफाई कर उन्हें मोबाइल पर मैसेज भेज कर आने का समय निर्धारित किया जाएगा.
  • वैक्सीनेशन केंद्र पर पहुंचने पर सबसे पहले व्यक्ति का टेंपरेचर चेक किया जाएगा
  • इसके बाद उन्हें वेटिंग रूम में बैठाया जाएगा। जहां पर अपनी बारी का इंतजार करेंगे.
  • इसके बाद उनका वैक्सीनेशन किया जाएगा.
  • वैक्सीनेशन के बाद उन्हें वेटिंग रूम में बैठाया जाएगा, जहां उन्हें 30 मिनट तक रुकना होगा। इसके बाद उनका टेंपरेचर जांच कर उन्हें घर भेजा जाएगा.

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के पहले चार राज्यों में वैक्सीनेशन को लेकर ट्रायल रन हो चुका है.

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