संयुक्त राष्ट्र ने बताया, अगर भारत-पाकिस्तान के बीच हुआ युद्ध तो किसकी होगी जीत, दहल जाएगी पूरी दुनिया

भारत और पाकिस्तान के बीच हमेशा से रिश्ते तनावपूर्ण ही रहे हैं। अब तक दोनों देश तीन मर्तबा युद्ध की विभीषिका झेल चुके हैं, लेकिन यहां गौर करने वाली बात यह है कि तीन ही मौकों पर पाकिस्तान को हार का ही मुंह देखना पड़ा है, लेकिन बावजूद इसके पाकिस्तान तीन-तीन बार हार का मुंह के बाद भी अपनी नापाक करतूतों से बाज नहीं आता है। उसकी नापाक करतूतों का सिलसिला अभी भी जारी है। अभी-भी वो अपनी हर उस कोशिश को अंजाम तक पहुंचाने की जुगत में लगा ही रहता है, ताकि दोनों देशों को युद्ध के मोर्चों पर    लाकर खड़ा किया जा सके। कभी सीमा पर आतंकवाद की घुसपैठ तो कभी अंतरराष्ट्रीय मंच पर  उसकी उलजुलूल बयानबाजी का सिलसिला बेरोक जारी रहता है, लेकिन भारत हर मौके पर अपनी कूटनीतिक चाल के दम पर उसे परास्त करके  ही दम लेता है। 

अब इसी बीच संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एतोनियो  गुतरेस ने बताया कि अब अगर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ तो कैसे हालात पैदा हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इस बात को बेनकाब करते हुए कहा कि अब अगर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ तो पूरे विश्व पर इसका क्या असर पड़ेगा। गुतरेस ने वर्तमान में जिस तरह से भारत और पाकिस्तान  के   बीच हालात बने हुए हैं। उसे लेकर कहा कि अब अगर  इन दोनों देशों के बीच युद्ध हुआ तो न महज इन दोनोंं देशों  के लिए ही बल्कि पूरे विश्व के लिए विनाशकारी साबित होगा, लिहाजा यह दोनों देशों के हित में है कि वे किसी भी विवादित मसले को सुलझाने के लिए शांतिपूर्ण मार्ग का  चयन करे यही दोनों देशों के हित में रहेगा अन्यथा दोनों के बीच स्थिति संवेदनशील हो सकती है।

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने बताया कि  किसी भी विवादित मसले का समाधान निकालने के लिए किसी भी सैन्य मार्ग का इ्स्तेमाल करना अहितकर रहा है। ऐसे  में यह मुनासिब रहेगा कि  दोनों देश किसी भी मसले का समाधान निकालने के लिए शांतिपूर्ण मार्ग का चयन करें।  संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि दोनों देश किसी भी समस्या का समाधान निकालने हेतु  एक-दूसरे के मानवाधिकारों के मसले का सम्मान करें। बता दें कि जम्मू-कश्मीर को लेकर कई मौकों पर संयुक्त राष्ट्र दोनों देशों के बीच शांतिवार्ता की अपील कर चुका है, मगर भारत ने हर मौके पर अपने बयान में यह साफ कर दिया है कि यह दोनों देश के बीच का आपसी मसला है, लिहाजा  हम इसे खुद ही  सुलझा लेंगे। वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कई मौकों पर जम्मू-कश्मीर को लेकर मध्यस्थता  करने की पेशकश कर चुके हैं, लेकिन भारत हमेशा से उनकी पेशकश को  ठुकराता हुआ आया है।  भारत का हमेशा से साफ कहना  रहा है कि   यह उसका आंतरिक मसला है।  

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