शक के घेरे में भारत की कोरोना वैक्सीन, अब अमेरिका ने उठाए सवाल, किया ऐसा चौंकाने वाला खुलासा

 

भारत मेें बनी कोरोना वैक्सीन को लेकर पहले से ही विपक्षी विभिन्न तरह सवाल उठा रही है, लेकिन अब इस बीच आज इसका व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान  शुरू हो चुका है तो उधऱ अब अमेरिका  ने भारत में बनी कोरोना वैक्सीन पर सवाल उठा दिए हैं।  जहां एक तरफ अमेरिकी मीडिया ने भारतीय टीकाकरण अभियान को  लेकर खबरें प्रकाशित की है, तो वहीं इसे लेकर कुछ ऐसे सवाल भी उठाए हैं, जो इसे शक के घेरे में खड़ी करती हुई नजर आ रही है।  अमेरिका ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि  भारत में बनी कोवैक्सीन को लेकर लोगों के मन में शंकाएं हैं।  अमेरिका का कहना है कि यह वैक्सीन कारगर साबित नहीं हो सकती है।  रिपोर्ट  मेें कहा गया है कि भारत में टीकाकरण को लेकर लोगों को किसी तरह का विकल्प नहीं दिया गया है। 

अमेरिका ने किया चौंकाने वाला खुलासा
यहां हम आपको बताते चले कि अमेरिका ने कोरोना वैक्सीन को लेकर  चौंकने वाला खुलासा किया है, जिसमें भारत  बायोटेक का जिक्र कर कहा गया है कि इसके ट्रायल के तीन चरण अभी पूरी नहीं हुए हैं। यहां तक इससे जुड़े  डा़टा भी नहीं उपलब्ध कराया गया हैं।  जिससे की यह पता चल सके कि यह कोरोना वैक्सीन कितनी करागर साबित हो पा रही है।  विदित हो कि  इससे पहले भारतीय अधिकारी स्पष्ट कर चुके थे कि कोरोना वैक्सीन ट्रायल के रूप में लोगों को दिए जाएंगे।  इस संदर्भ में पब्लिक हेल्थ और बायोएथिक्स एक्सपर्ट अनंत भान कहते हैं कि आखिरकार  बिना ही रेग्यूलेटर्स ने भारत बायोटेक  की वैक्सीन को मंजूरी कैसे दी। इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।

लोगों के अलग-अलग हैं मत
यहां सबसे ध्यान देने  वाली बात यह है कि  इस वैक्सीन को लेकर तरह-तरह के मत पेश किए जा रहे हैं।  जहां एक तरफ कुछ लोग इस वायरस की क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ  कुछ ऐसे भी हैं, जो इस पर पूरा भरोसा जता रहे हैं। इसी क्रम में वैक्सीन एक्सपर्ट गगनदीप कांग कहती हैं कि वैक्सीन को लेकर भरोसे की कमी नहीं है, लेकिन जिस प्रक्रिया के तहत इसे मंजूरी दी गई है। वो शक के घेरे में है।

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