चीन ने माइक पोम्पियो को अमेरिका का अगला राष्ट्रपति मान लिया है!

  


इस बात में कोई दो राय नहीं है कि पिछले चार सालों के दौरान चीनी सरकार को ट्रम्प प्रशासन के प्रकोप का सामना करने में बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ-साथ अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने पिछले चार सालों के दौरान CCP का सरदर्द बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अब बाइडन की जीत के बाद चूंकि माइक पोम्पियो को अमेरिकी विदेश मंत्री का पद छोड़ना होगा, ऐसे में चीनी मुखपत्र Global Times ने अपने एक लंबे चौड़े लेख में उनके खिलाफ ज़हर उगला है। चीनी सरकार और मीडिया का इस तरह माइक पोम्पियो से खौफ़ खाना दिखाता है कि चीन को भविष्य में पोम्पियो द्वारा राष्ट्रपति पद की दावेदारी से कितना भय है।

माइक पोम्पियो ने पिछले दो सालों के दौरान जिस प्रकार अमेरिका की विदेश नीति को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है, उसने चीनी सरकार में उनके लिए भय पैदा कर दिया है। विदेश मंत्री के तौर पर पोम्पियो का बेहद सफल करियर रहा है, जिसके आधार पर TFI ने पिछले दिनों एक लेख में लिखा था कि उनके ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए लिखा गया था कि Republican Party ट्रम्प के समर्थन से वर्ष 2024 में उन्हें राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार भी बना सकती है। उस के बाद अब Global Times ने पोम्पियो के खिलाफ एक गुस्से-भरा लेख लिखा है।

Global Times ने लिखा “जिस प्रकार पिछले कुछ समय में पोम्पियो ने चीन के खिलाफ एक्शन लिया है, कुछ विश्लेषकों के अनुसार यह दिखाता है कि पोम्पियो वर्ष 2024 में राष्ट्रपति पद के दावेदार हो सकते हैं।” GT ने आगे यह भी लिखा कि कैसे पोम्पियो के समय चीन-अमेरिका के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण रहे और इसके लिए चीनी मीडिया ने सारा ठीकरा पोम्पियो के सर ही फोड़ दिया। हाल ही में चीनी विदेश मंत्री Wang Yi ने Pompeo को “झूठ की कूटनीति” का सबसे बड़ा चैम्पियन कहा था। ऐसा इसलिए, क्योंकि Pompeo कोरोना की उत्पत्ति के लिए लगातार चीनी सरकार पर आरोप लगाते रहे हैं, जिसके कारण चीनी सरकार असहज महसूस करती है।

बता दें कि विदेश मंत्री के तौर पर अपने आखिरी दिनों में पोम्पियो ने चीन के खिलाफ एक भीषण अभियान छेड़ा हुआ है और “सोशल मीडिया वॉर” के दौरान वे बिग टेक कंपनियों को आड़े हाथों लेने में भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वे ना सिर्फ एक बेहतरीन राजनयिक रहे हैं, बल्कि अमेरिकी विदेश मंत्री का पद संभालने से पहले वे अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के डायरेक्टर भी रह चुके हैं। ऐसे में जिस प्रकार ने अपने कार्यकाल के आखरी तीन से चार महीनों में पोम्पियो ने अमेरिका की विदेश नीति को सफलता का नया आयाम दिया है, उससे वे आगामी अमेरिकी चुनावों में राष्ट्रपति पद के एक प्रबल दावेदार बन गए हैं। इसीलिए चीनी सरकार अभी से पहले उनसे खौफ़ खाने लगी है, क्योंकि चीनी सरकार को यह डर है कि पोम्पियो वर्ष 2024 में लौटकर आ सकते हैं, जो चीनी सरकार के लिए किसी दुस्वप्न से कम नहीं होगा!

दक्षिण चीन सागर से लेकर ASEAN और Quad की बढ़ती सक्रियता तक में Mike Pompeo की ही सबसे अहम भूमिका रही है। उन्हीं के नेतृत्व में अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेन्ट ने पहली बार तिब्बत को चीनी सेना PLA द्वारा कब्ज़ाया गया इलाका बताया, जिसने चीन को काफी पीड़ा पहुंचाई थी। भारत के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत कर हिन्द महासागर और दक्षिण एशिया में भी Mike Pompeo ने चीनी प्रभाव को खत्म करने की दिशा में कई बड़े कदम उठाए हैं। अक्टूबर महीने में Pompeo ने भारत के साथ-साथ मालदीव और श्रीलंका का दौरा कर चीन के विषैले एजेंडे के खिलाफ एक कूटनीतिक युद्ध का आगाज़ भी किया था। ऐसे में पोम्पियो के खिलाफ चीनी मीडिया के इस विलाप का असल कारण समझा जा सकता है। चीनी मीडिया के इस खौफ़ को देखकर कहा जा सकता है कि चीन ने वर्ष 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में जीतने वाले उम्मीदवार की अभी से घोषणा कर दी है, और वह हैं माइक पोम्पियो!

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