बर्ड फ्लू की चपेट में ये पांच राज्य, मुर्गे-अंडों पर पाबंदी, जानें लक्षण और बचने का तरीका


bird flu symptoms or bachne ka tarika

दुनियाभर में कोरोना महामारी से हाहाकार मचा हुआ है. लेकिन इस बीच भारत के कुछ राज्यों में बर्ड फ्लू (Bird Flu) ने दस्तक दे दी है. जिस कारण लोग डरे हुए हैं. मध्य-प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश समेत केरल बर्ड फ्लू की चपेट में हैं. इन राज्यों में पिछले कुछ दिनों में सैकड़ों पक्षियों की मौत हुई है और ये सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ऐसे में बर्ड फ्लू के मद्देनजर राज्य सरकारों ने अलर्टच जारी करते हुए स्थिति पर काबू पाने के लिए कड़े प्रतिबंध लगाने की तैयारी की है. जिससे बर्ड फ्लू को फैलने से रोका जा सके. बर्ड फ्लू को देखते हुए उत्तराखंड, बिहार व झारखंड की सरकार ने भी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है. जिससे राज्य में बर्ड फ्लू के खतरे को कम किया जा सके. लेकिन घबराने वाली बात ये है कि जिस बीमारी का शिकार पक्षी हो रहे हैं उसका शिकार मनुष्य भी हो सकते हैं और ऐसे में सावधानी बरतना बेहद जरूर है. आज की इस रिपोर्ट में जानेंगे बर्ड फ्लू के लक्षण (Bird Flu Symptoms) और सलाह के बारे में. इसी के साथ जानेंगे उन राज्यों के बारे में जहां कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं.

पौंग झील में 1700 से ज्यादा विदेशी पक्षियों की मौत

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में अंतरराष्ट्रीय रामसर वेटलैंड पौंग बांध में विदेशी पक्षियों का कारण बर्ड फ्लू है. जिसकी पुष्टि भोपाल स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान ने की है. इस बीमारी को एवियन इन्फ्लुएंजा भी कहा जाता है. हिमाचल से पहले जालंधर और पालमपुर में वायरल की पुष्टि हुई थी. लेकिन तब फ्लू के प्रकार की जानकारी नहीं मिल पाई थी. मगर अब तक पौंग झील में 15 प्रजातियों के 1700 से ज्यादा विदेशी पक्षियों की मौत हो गई है. ऐसे में प्रशासन अलर्ट हो गया है और पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं.

500 से ज्यादा कोऔं की मौत

उधर, राजस्थान में कौओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. बर्ड फ्लू के कारण अब तक 500 से ज्यादा कौए मौत के मुंह में समा चुके हैं. जिससे चिंतित राज्यपाल कलराज मिश्र ने राज्य के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया से बर्ड फ्लू पर नियंत्रण को लेकर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी मांगी है.

मध्य-प्रदेश में वायरस की पुष्टि

हिमाचल और राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश में भी बर्ड फ्लू का खतरा मंडरा रहा है. यहां पक्षियों की मौत का सिलसिला इंदौर से शुरू हुआ था और एक सप्ताह के भीतर डेली कॉलेज परिसर में 148 कौए दम तोड़ चुके हैं. इनमें से दो कौए के शव का सैंपल भोपाल स्थित हाई सिक्योरिटी लैब में भेजा गया था और शव में बर्ड फ्लू के वायरस की पुष्टि हुई थी.
कौओं की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सावधानी बरतते हुए और बर्ड फ्लू को फैलने से रोकने के लिए डेली कालेज परिसर के एक किमी के दायरे में रहने वाले लोगों की स्क्रीनिंग की. इन लोगों में सर्दी, खांसी व बुखार के लक्षण पाए गए हैं. इन सभी लोगों का कोरोना टेस्ट भी कराया गया है.

कैसे करता है इंसानी शरीर में प्रवेश

बर्ड फ्लू एक ऐसी बीमारी है जो पक्षियों के लिए ही नहीं बल्कि इंसानी शरीर के लिए भी खतरा है. मुर्गियों और संक्रमित पक्षियों के नजदीक रहने वाले लोग इस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं. बर्ड फ्लू का वायरस इंसान के शरीर में आंख, मुंह और नाक के जरिए प्रवेश करता है. ऐसे में मास्क का उपयोग करना बेहद जरूरी है.

बर्ड फ्लू के लक्षण

आमतौर पर बर्ड फ्लू के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे ही हैं. एच5एन1 ऐसा फ्लू है, जो पक्षियों के फेफड़ों पर हमला करता है और इससे न्यूमोनिया का खतरा बढ़ता है. बर्ड फ्लू के लक्षण सांस का उखड़ना, गले में खराश, तेज बुखार, मांसपेशियों और पेट दर्द आदि हैं. छाती में लगातार दर्द और दस्त भी बर्ड फ्लू के लक्षणों में शामिल है.

बर्ड फ्लू से कैसे बचें

चूंकि देश में पहले से ही एक महामारी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. ऐसे में जरूरी है कि सावधान रहना. बर्ड फ्लू से बचने के लिए लोगों को मास्क लगाकर बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है. लेकिन जिन इलाकों में बर्ड फ्लू का संक्रमण फैला है वहां जाने से बचें और नॉनवेज खरीदते वक्त सावधान रहें. बर्ड फ्लू इस समय काफी खतरनाक है और इसलिए पक्षियों से दूरी बनाकर रखें. क्योंकि बर्ड फ्लू पक्षियों से इंसानी शरीर में तेजी से फैल सकता है.

इन क्षेत्रों में मछली, मुर्गे और अंडों की बिक्री पर पाबंदी

बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए पौंग झील से सटे क्षेत्रों में मछली, मुर्गे और अंडों की बिक्री पर अगले आदेश तक पाबंदी लगा दी गई है. यहां भोपाल स्थित लैब में एवियन इन्फलुएंजा की पुष्टि हुई है. जिसके मद्देनजर प्रशासन अलर्ट है.

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