अमरिंदर सिंह राजनैतिक रूप से बादल परिवार को खत्म कर सकते हैं क्योंकि CBI ने बेअदबी मामले की जांच पंजाब पुलिस को सौंप दी है !

 


पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा सीबीआई को मिले एक आदेश ने पंजाब के अकाली दल और बादल परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हाईकोर्ट ने 2015 के गुरु ग्रंथ साहिब के साथ बेअदबी करने वाले एक केस की डायरी पंजाब पुलिस को सौंपने का आदेश दिया है जिसके चलते अब पंजाब पुलिस अपने तरीके से पूरे मामले की जानकारी हासिल करते हुए जांच करेगी।

ऐसे में सत्ता पर काबिज कांग्रेसी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अकालियों और बादल परिवार के राजनीतिक रसूख की धज्जियां उड़ा सकते हैं और जैसी दोनों की दुश्मनी है वो ऐसा जरूर करेंगे।

खबरों के मुताबिक पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि वो गुरु ग्रंथ साहिब की कथित बेअदबी सहित 2015 की उस तरह की विभिन्न घटनाओं से संबंधित सभी केस डायरी और उससे जुड़े दस्तावेज एक महीने के अंदर-अंदर पंजाब पुलिस के हवाले कर दें।

गौरतलब है कि इस संबंध में याचिका सुखजिंदर सिंह उर्फ सन्नी द्वारा लगाई गई थी जिसके बाद हाईकोर्ट ने ये आदेश दिया है।
साल 2015 में गुरु ग्रंथ साहिब के साथ बेअदबी और उनसे जुड़ी वस्तुओं के अपमान को लेकर तत्कालीन बादल शासित पंजाब सरकार ने एसआईटी का गठन किया था, बाद में सीबीआई को भी ये केस सौपा गया था। लेकिन सरकार बदलने के बाद विधानसभा द्वारा एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसके बाद ये जांच पंजाब पुलिस को ही सौंप दी गई क्योंकि सीबीआई द्वारा जांच में सहमति के बावजूद ढील दी जा रही थी।

इस मामले में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह हमेशा ही बादल परिवार को निशाने पर लेते रहे हैं, और बेअदबी की उस घटना में राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े करते रहें हैं। उस दौरान फरीदकोट में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप की चोरी और बेअदबी के बाद भीड़ भड़क उठी थी। जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे थे। इस दौरान बहिबल कलां और कोटकपूरा में पुलिस फायरिंग में दो युवक मारे गए जबकि कई जख्मी हो गए।

अकाली दल और बादल परिवार ही एसजीपीसी के तहत सभी सिख धार्मिक स्थलों की देख-रेख करते है। ऐसे में ये सीधे विपक्ष के निशाने पर आए थे, लेकिन उस वक्त ये केस सीबीआई के पास चला गया था। जब जांच में कोई प्रगति नहीं हुई, और सरकार बदल गई तो सीबीआई से पंजाब पुलिस ने केस वापस ले लिया लेकिन दस्तावेजों को लेकर पेंच फंसा था क्योकि सीबीआई का कहना था कि उसे केस में कुछ लीड मिली है जिसके बाद लंबे समय तक तकरार चली और आख़िरकार हाइकोर्ट ने दस्तावेजों को लेकर भी फ़ैसला दे दिया है।

ऐसे में पंजाब पुलिस अमरिंदर के अंतर्गत काम कर रही है इसलिए बादल परिवार के काले कारनामों का चिठ्ठा सबके सामने आएगा जिससे पंजाब में एकक्षत्र राज करने वाले इस बादल परिवार के राजनीतिक रसूख की धज्जियां उड़ेंगी।

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