जब डर के मारे पेड़ पर चढ़ गए थें PM मोदी, पढ़िए उनकी कहानी उन्हीं की जुबानी


हर व्यक्ति के जीवन में कई मजेदार किस्से होते हैं , जो किसी इंसान को ताउम्र याद आते है, जिन्हें वे कई  मौकों पर अपने कनिष्ठों के साथ साझा करता है, ताकि उन्हें उनसे कुछ सीखने को मिले । कुछ ऐसा ही किस्सा आज से एक साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनसीसी कैड्ट्स को संबोधित करते हुए साझा किया था, जो कि इस समय सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। लोग इस पर  अलग-अलग तरह से अपना रिएक्शन देते हुए नजर आ रहे हैं। 

उन्होंने एनसीसी कैड्टस को संबोधित करते हुए कहा था कि मैं आप सभी लोगों को बहुत अच्छे से समझ सकता हूं, चूंकि  मैं  भी पहले कभी  कैडट्स रह चुका हूं।   इस बीच किसी ने उन से पूछ  लिया कि क्या आपको कभी सजा मिली थी तो इस पीएम मोदी ने जवाब देते हुए कहा था कि क्यों आपको मिलती है, क्या सजा ?  तो इस पर वहां मौजूदा लोगों ने कहा कि हां.. मिलती है  हमें सचा।  वहीं, पीएम मोदी ने  बतौर कै़ड्टस रहते हुए अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि  मुझे वैसे कभी सजा नहीं मिली, चूंकि मैं हमेशा से अनुशासन के दायरे में रहता था। मेरे साथ कभी ऐसी नौबत नहीं आई थी।

लेकिन … एक बार मुझे लगा था कि इस बार मुझे जरूर सजा मिलेगी..  दरअसल , मैं पतंग के मांझे में फंसे एक पक्षी को छुड़ाने के लिए पेड़ पर चढ़ा था।  मुझे लगा कि अब मेरे गुरुजन मुझे सजा देंगे। लेकिन, जब मैंने उस पक्षी की जान बचाई, तो मेरे गुरुजनों  और वरिष्ठजनों ने मेरी तारीफ की । मेरे इस कृत्य की प्रशंसा की । मुझे सराहा और मुझे ऐसे कामों को करने के लिए प्रेरित किया।

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