बंगाल दौरे पर जा रहे हैं अमित शाह, ममता की बढ़ी धड़कन, TMC में फिर मच सकती है भगदड़


नई दिल्ली।
 पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनाव को देखते हुए राज्य सियासत अपने उबाल पर है। ममता का किला ढहाने का पूरा जिम्मा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों में है। शाह का जब भी दौरा बंगाल का होता तो ममता बनर्जी की सांसे कुछ अटक सी जाती हैं। उनकी में एक भगदड़ सी मच जाती है। ऐसा पहले देखने को मिला है। एक बार फिर से अमित शाह दो दिन दौरे पर 30 जनवरी को कोलकाता पहुंच रहे हैं। शाह के पिछले दौरे पर TMC के कई नेता बीजेपी में शामिल हो गए थे। ठीक वैसे ही कुछ कयास इस बार भी गृह मंत्री के दौरे से लगाए जा रहे हैं।

बंगाल दौरे की शुरुआत अमित शाह मायापुर चंद्रोदय स्थित इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्ण चेतना मंदिर से करेंगे। बीजेपी के नेताओं के मुताबिक, इसके बाद परगना जिले के ठाकुरबारी मैदान में एक सार्वजनिक रैली में मतुआ समुदाय को अमित शाह संबोधित करेंगे। ठाकुरनगर को मतुआ समुदाय का गढ़ माना जाता है। इससे पहले नवंबर 2020 में, अमित शाह ने उत्तरी 24 परगना क्षेत्र में सामुदायिक परिवार के साथ दोपहर का भोजन किया था।

इस समुदाय को पश्चिम बंगाल में एक बड़ा वोट बैंक माना जाता है क्योंकि यह दो दर्जन से अधिक विधानसभा सीटों पर प्रभाव डालता है। 31 जनवरी को अपनी यात्रा के दूसरे अमित शाह पहले कोलकाता में श्री अरबिंदो भवन जायेंगे, जिसके बाद वो रास बिहारी एवेन्यू में भारत सेवाश्रम संघ जाएंगे। शाह हावड़ा के डुमुरजोला में एक विशाल कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे। यहां अमित शाह के खलिसानी गांव में एक बागड़ी परिवार के साथ दोपहर का भोजन करेंगे, जिसके बाद वह बेलूर मठ जाएंगे।

चर्चा इस बात की भी है कि, वो BCCI के अध्यक्ष सौरव गांगुली से भी मिलने जा सकते हैं, जिनकी तबियत इन दिनों ठीक नहीं चल रही है। वहीं बीजेपी की ये भी कोशिश है कि, गांगुली को बीजेपी शामिल करवा दिया जाये, जिन्हे चुनाव के वक़्त सीएम चेहरा बनाकर पार्टी मैदान में उतरेगी।

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