चीन ने वायरस फैलाया, भारत दुनिया को बचा रहा, अब यही समय है UNSC में परमानेंट सीट देकर दुनिया भारत को सराहे

  


भारत UNSC में स्थायी सीट पाने के लिए कई सालों से मेहनत कर रहा है। अब वैश्विक महामारी के बीच जिस प्रकार भारत ने दुनियाभर के देशों को वैक्सीन प्रदान की है, उसने फिर एक बाद UNSC में भारत की स्थायी सीट के लिए दावेदारी को मजबूत कर दिया है। वैश्विक आपदा से निपटने में भारत की भूमिका को स्वीकार करते हुए अब दुनिया को UNSC में भारत को एक परमानेंट सीट देकर अभिनंदन करना चाहिए! इस प्रकार भारत भविष्य में भी UNSC के माध्यम से दुनिया में सुरक्षा और शांति बनाए रखने में अपनी अहम भूमिका निभा पाएगा!

दुनिया को वैक्सीन प्रदान करने के लिए हाल ही में UN के अध्यक्ष Antonio Guterres ने भारत की दिल खोलकर तारीफ़ की है। उनके मुताबिक “वैक्सीन का उत्पादन करने के मामले में भारत के पास अद्वितीय क्षमता है। यह क्षमता आज दुनिया के लिए सबसे बड़ा asset है। दुनिया को भारत की इस क्षमता को समझने की आवश्यता है। दुनिया को भारत की इस क्षमता का भरपूर इस्तेमाल करना चाहिए।” UN चीफ़ का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब भारत पहले ही अपने पड़ोसियों को कोरोना वैक्सीन की 55 लाख डोज़ प्रदान कर चुका है। साथ ही भारत ने अफ्रीका को भी 1 करोड़ वैक्सीन प्रदान करने का वादा किया है। भारत ने UN के Global Alliance for Vaccines and Immunization (GAVI) प्रोग्राम के तहत भी UN के 10 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन डोज़ प्रदान करने के लिए कहा है।

चीन ने एक तरफ पूरी दुनिया में कोरोना फैलाया, तो वहीं भारत ने अपने पड़ोसियों सहित सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा, मंगोलिया, ब्राज़ील और मोरक्को में वैक्सीन भेजने की तैयारी पूरी कर ली है। Reuters के सूत्रों के मुताबिक अगले तीन से चार हफ्तों में पहली चरण की सहायता के तहत भारत पाकिस्तान को छोड़कर अपने अन्य पड़ोसी देशों को करीब 2 करोड़ वैक्सीन शॉट्स प्रदान करने वाला है।

भारत तेजी से अपने पड़ोस में वैक्सीन प्रदान करने में लगा है ताकि जल्द से जल्द चीनी वायरस के प्रकोप को दूर किया जा सके! दूसरी ओर इस वैक्सीन रेस में चीन भारत से पूरी तरह हार गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत के पड़ोस में वैक्सीन रेस में भारत ने चीन को पछाड़ दिया है। चीन अब तक भारत के किसी भी पड़ोसी देश में अपनी कोई भी वैक्सीन प्रदान नहीं कर पाया है। वैक्सीन रेस में इस हार के लिए चीनी मीडिया पहले से ही बहाने बनाने लगी है। चीनी मीडिया के एक लेख के मुताबिक “भारत ने भूटान में अपनी वैक्सीन का निर्यात किया है। भारत को डर है कि कहीं भूटान चीन से अपनी वैक्सीन न मंगा ले।” हालांकि, सच्चाई यह है कि चीनी वैक्सीन को लेकर अविश्वास की बढ़ती भावना की वजह से ही चीनी वैक्सीन डिप्लोमेसी की यह दुर्दशा हुई है।

अब दुनिया को चाहिए कि वह भारत की सालों की मांग पूरी कर UNSC में भारत को एक स्थायी सीट दिलाये, ताकि भविष्य में किसी भी वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए भारत अपनी पूरा क्षमता का इस्तेमाल कर सके। भारत ना सिर्फ स्वास्थ्य, बल्कि वैश्विक सुरक्षा, आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भी दुनिया को एक प्रभावी नेतृत्व प्रदान कर सकता है।

source

close