ब्राज़ील से लेकर US तक- वैक्सीन को लेकर पूरी दुनिया कर रही है विश्वगुरु भारत की तारीफ

 


भारत एक के बाद एक अपने पड़ोसी देशों को मुफ्त में वैक्सीन प्रदान किए जा रहा है। आपको बता दें कि भारत अब तक Serum Institute of India द्वारा निर्मित Oxford-AstraZeneca की Covidshield वैक्सीन को मालदीव, नेपाल और बांग्लादेश में “उपहार” के तौर पर निर्यात कर चुका है। जल्द ही भारत म्यांमार और शेसेल्स में भी अपनी वैक्सीन को भेजने वाला है। Reuters के सूत्रों के मुताबिक अगले तीन से चार हफ्तों में पहली चरण की सहायता के तहत भारत पाकिस्तान को छोड़कर अपने अन्य पड़ोसी देशों को करीब 2 करोड़ वैक्सीन शॉट्स प्रदान करने वाला है। भारत की इस ताबड़-तोड़ वैक्सीन डिप्लोमेसी से प्रभावित होकर अब अमेरिका, ब्राज़ील सहित WHO तक ने भारत की दिल खोलकर तारीफ़ की है।

सबसे पहले बात ब्राज़ील की करते हैं। ब्राज़ील की गुजारिश पर भारत ने इस देश में भी अपनी वैक्सीन की 20 लाख डोज़ भेजी, जिससे वहाँ के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो इतने खुश हो गए कि उन्होंने संजीवनी बूटी ले जाते भगवान हनुमान की फोटो को पोस्ट करते हुए लिखा “वैश्विक बाधा को दूर करने के प्रयासों में शामिल एक महान भागीदार को पाकर ब्राजील सम्मानित महसूस कर रहा है। भारत से ब्राजील वैक्सीन का निर्यात कर हमारी सहायता करने के लिए धन्यवाद।”

दूसरे देशों को वैक्सीन भेजने के भारत के कदम की अमेरिका ने भी तारीफ की है। अमेरिकी विदेश विभाग के दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो ने कहा कि दक्षिण एशिया के देशों में लाखों डोज़ देने और वैश्विक स्वास्थ्य में भारत के रोल की हम तारीफ करते हैं। भारत ने मालदीव, भूटान, बांग्लादेश और नेपाल को फ्री कोरोना वैक्सीन भेजने की शुरुआत की अब और देशों तक भी भारत ऐसा करेगा। भारत अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का एक सच्चा साथी है।

इतना ही नहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन के अध्यक्ष Dr Tedros ने भी दूसरे देशों को वैक्सीन गिफ्ट करने के लिए भारत की तारीफ की है। WHO के अध्यक्ष ने एक ट्वीट कर लिखा “वैश्विक COVID-19 रिस्पॉन्स के लिए भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निरंतर सहयोग को धन्यवाद। ज्ञान साझा करने समेत मिलकर लड़ाई लड़ने से ही हम इस वायरस को रोक सकते हैं और लोगों की जिंदगियां और आजीविका बचा सकते हैं।”

UK की मशहूर मेडिकल जनरल The Lancet ने भी भारतीय वैक्सीन निर्माता Bharat बायोटेक की वैक्सीन Covaxine की जमकर तारीफ की है। The Lancet के मुताबिक कोविड-19 के भारत के स्वदेशी टीके ‘कोवैक्सीन’ के फर्स्ट फेज के परीक्षणों में शामिल किये गये लोगों पर इसका कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं पड़ने और इससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया भी बढ़ने का पता चला है। यानि एक तरफ़ जहां कुछ लोग इस भारतीय वैक्सीन के खिलाफ जमकर प्रोपेगैंडा फैला रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ़ अब Lancet की ओर से Covaxine को हरी झंडी दे दी गयी है।

वैक्सीन प्रदान करने के लिए भारत के पड़ोसी देश आज खुलकर भारत की तारीफ कर रहे हैं। नेपाल के स्वास्थ्य मंत्री, श्रीलंका के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति, म्यांमार और मालदीव के राष्ट्रपति सहित दक्षिण एशिया के तमाम बड़े नेता आज भारत की तारीफ़ों के पुल बांधने लगे हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता देश है और भारत को दुनिया की फार्मेसी भी कहा जाता है। ऐसे में जब भारत इस महामारी से लड़ने के लिए पूरी दुनिया के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है, तो अब पूरी दुनिया भारत की तारीफ़ करने को बाध्य हो रही है। वर्ष 2014 में पीएम मोदी ने भारत को विश्वगुरु बनाने के वादे को सबके सामने रखा था, आज करीब 7 साल बाद यह वादा सच साबित होता दिखाई दे रहा है।

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