मस्जिद में चल रहा था बम बनाने का प्रशिक्षण, विस्फोट में मारे गये 30 आतंकी


काबूल।
 शेर की सवारी करना हमेशा घातक होता है। तालिबान ऐसा ही कर रहा है। अफगानिस्तान में तालिबान आतंकवादियों के साथ उसका प्रशिक्षण कार्यक्रम मौत के मंजर में बदल गया। अफगानिस्तान में एक मस्जिद के अंदर बम बनाने का प्रशिक्षण चल रह था। तालिबान आतंकियों को यह प्रशिक्षण कक्षा बहुत मंहगी पड़ी। प्रशिक्षण के दौरान हुए धमाके में 30 आतंकवादियों की मौत हो गई। अफगानिस्तान की सेना ने बयान जारी करके कहा कि 6 विदेशियों समेत 30 आतंकवादी मारे गए हैं। दूसरों के लिए विस्फोट की तैयारी करने वाले आतंकी विस्फोट के शिकार हो गये। प्रशिक्षण दे रहे विदेशी आतंकी बारुदी सुरंग बनाने के विशेषज्ञ थे। विशेषज्ञ आतंकी 26 अन्य आतंकियों को बम बनाने का लाइव प्रशिक्षण दे रहे थे। बताया जा रहा है कि यह विस्फोट बाल्फ प्रांत के दौलताबाद जिले के कुल्ताक गांव में हुआ है। अफगान सेना ने विस्फोट के बारे में कहा कि मारे गए 6 विदेशी आतंकियों की पहचान नहीं की जा सकी है। खम्मा की रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान आतंकी एक मस्जिद के अंदर जमा थे और उन्हें बम और आईईडी बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। सुरक्षा बलों ने बताया कि विस्फोट की एक अन्य घटना मे आईईडी फटने से कुंदूज प्रांत में दो बच्चों की मौत हो गई। यह विस्फोट ऐसे समय पर हुए हैं जब पूरे अफगानिस्तान में तालिबान के हमले और हिंसा तेज हो गई है।

यह विस्फोट ऐसे समय में हुआ है जब अफगानिस्तान की सरकार के साथ उनकी बातचीत चल रही है। नाटो के महासचिव जेंस स्टोलटेबर्ग ने तालिबान को झटका देते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिकी गठबंधन तब तक अफगानिस्तान की धरती को अलविदा नहीं कहेगा जब तक कि सही समय नहीं आ जाता है। अफगानिस्तान की शांति स्थापना तक सेना रहेगी।

तालिबान आतंकी मांग कर रहे हैं कि अमेरिका डोनाल्ड ट्रंप के समय हुए समझौते को माने और अफगानिस्तान से अपनी सेना को पूरी तरह से हटा ले। अफगानिस्तान में सेना की उपस्थिति को लेकर जल्द ही 30 नाटो देशों के रक्षामंत्रियों की बुधवार को बैठक होने जा रही है। इस बैठक में अफगानिस्तान में तैनात 9600 नाटो सैनिकों के भविष्य पर फैसला हो सकता है।

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