‘एक और स्ट्राइक में ढेर हुई पाकिस्तानी सेना’, अमेरिका और भारत के बाद ईरान ने पाकिस्तान पर की सर्जिकल स्ट्राइक


पाकिस्तान पर फिर से सर्जिकल स्ट्राइक हुई है, किंतु इस बार उसे भारत या अमेरिकी सेना की ओर से अंजाम न देकर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की ओर से अंजाम दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने मंगलवार की रात को पाकिस्तान में घुसकर ढाई साल से बंदी अपने सैनिकों को छुड़ाया और कई आतंकवादियों को भी मार गिराया। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑपरेशन में पाकिस्तान के कुछ सुरक्षाबलों के मारे जाने की भी खबर है।

ईरान की फार्स न्‍यूज एजेंसी के मुताबिक जैश उल-अदल एक कट्टरपंथी वहाबी आतंकवादी गुट है जो दक्षिणी-पश्चिमी पाकिस्‍तान में ईरान सीमा पर सक्रिय है। IRGC (ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड) ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि ईरान के दो सैनिकों को मंगलवार रात एक सफल खुफिया ऑपरेशन में मुक्त करा लिया गया। ईरान के अनुसार इन सैनिकों का साल 2018 में पाकिस्तान के जैश अल-अद्ल (Jeish Al-Adl)  नामक आतंकवादी संगठन द्वारा अपहरण कर लिया गया था। हालांकि, हमेशा की तरह पाकिस्तानी सेना ने किसी भी प्रकार की सर्जिकल स्ट्राइक की बात को खारिज कर दिया है।

बता दें कि 2018 में पाकिस्तानी आतंकी ग्रुप जैश अल-अद्ल ने दक्षिण-पूर्वी सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में मिर्जावेह सीमा पर 14 ईरानी सैनिकों का अपहरण कर लिया था। इनमें से कुछ को पहले ही छोड़ दिया गया था लेकिन दो बचे सैनिकों को ईरानी खुफिया विभाग की मदद से रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा बचाया गया है।

वैसे पाकिस्तान के घर में घुसकर उसे सबक देना कोई नयी बात नहीं है, बल्कि इसकी हरकतों के कारण इसपर अक्सर स्ट्राइक की खबरें आती रही हैं।

इसके पूर्व ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए अमेरिका ने पाकिस्तान पर 2 मई 2011 को सर्जिकल स्ट्राइक की थी। सभी जानते हैं कि पाकिस्तान अमेरिकी मदद के दम पर अपनी सैन्य व्यवस्था का संचालन कर रहा था और अमेरिका के ही सबसे बड़े दुश्मन बिन लादेन को संरक्षण दे रखा था। अंततः अमेरिका को परेशान होकर मामला अपने हाथों में लेना पड़ा और पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी।

वहीं, भारत की बात करें तो मोदी सरकार के कार्यकाल में भारत ने पठानकोट हमले के बाद पाकिस्तान को मौका दिया था कि वह अपने यहां आतंकियों पर कार्रवाई करे। किंतु इसके बाद भी पाकिस्तान ने उरी और पुलवामा जैसी साजिशों को अंजाम दिया। नतीजतन भारतीय सेना को कार्रवाई करनी पड़ी थी। भारत ने पहले 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक की और 2019 में एयर स्ट्राइक कर पाकिस्तान को उसकी हद में रहने के लिए कहा था।

अब ईरान को पाकिस्तान पर हमला करना पड़ा है जो पाकिस्तान सरकार के लिए शर्मनाक है। फिलहाल, पाकिस्तान और ईरान के सम्बंध ठीक चल रहे हैं, बावजूद इसके पाकिस्तान अपने यहाँ कार्यरत उन आतंकी संगठनों पर कोई कार्रवाई नहीं करता जो ईरान को नुकसान पहुंचाते हैं।

अब तो ऐसा लगता है कि पाकिस्तान की स्थापना ही आतंकियों को पालने के लिए हुई है। वैसे पाकिस्तान आतंक की फंडिग बन्द कर उनपर उचित कार्रवाई करे तो दूसरे देशों को उसे बार बार पीटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पर ये तो पाकिस्तान है कैसे सुधर सकता है।

हालांकि, पाकिस्तान को अपने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंतन करना चाहिए। पाकिस्तान का ये हाल हो चुका है कि आज हर देश अपनी इच्छानुसार उसे पीट देता है। हाल ही में अफगानिस्तान ने भी पेशावर पर दावा ठोक कर एक तरह से पाकिस्तान की खिल्ली उड़ाई थी। पाकिस्तान जितना धन कश्मीर प्रोपेगेंडा में और आतंक की फंडिग में खर्च करता है, उसे यदि अपनी सीमाओं की सुरक्षा में खर्च करने और अपनी जनता की भलाई में लगाता तो उसे बार बार ऐसा अपमान नहीं सहना पड़ता।

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