पुजारा स्टाइल में निर्मला सीतारमण की बल्लेबाजी, बजट में नहीं दिखा पंत वाला तूफान!

 

पुजारा स्टाइल में निर्मला सीतारमण की बल्लेबाजी, बजट में नहीं दिखा पंत वाला तूफान!

आप सोच रहे होंगे कि केन्द्रीय बजट का पुजारा और पंत से क्या लेना-देना है, सीधे तौर पर तो नहीं है, लेकिन आजकल दोनों की अलहदा स्टाइल पॉलिटिक्स से लेकर बजट तक में खूब चर्चा में है, दरअसल पॉलिसी बनाने वालों को लेफ्ट राइट हैंड के इस कॉम्बिनेशन ने अप्रोच को लेकर सीख दी है, यही बात बजट से पहले मुख्य अर्थव्यवस्था सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने की थी, उनका दावा था कि बजट में पुजारा का धैर्य और पंत की आक्रामकता दोनों दिखाई देगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं, पंत नॉन स्ट्राइक पर ही रह गये, वित्त मंत्री ने पुजारा स्टाइल पर ही भरोसा किया।

बिग बैंग बजट की उम्मीद
इस बार बिग बैंग बजट की उम्मीद की जा रही थी, दरअसल जब राजकोषीय घाटा जीडीपी के 9.5 फीसदी पर पहुंच जाए, तो पंत वाली बल्लेबाजी स्टाइल के लिये जगह बचती ही नहीं है, 
हालांकि सुब्रमण्यम ने कहा था कि जब तक गेंद स्विंग करेगी, तब तक पुजारा की तरह संभल कर खेला जाएगा, जैसे ही सीम घिसेगी, आपको पंत वाले बल्लेबाजी देखने को मिलेगी, लेकिन निर्मला सीतारमण ने संभलकर खेलना ही ज्यादा सही समझा।

टैक्स देने वालों के पसीने पोंछने की कोशिश नहीं
इस बजट में टैक्स पेयर्स के पसीने को पोंछने की कोशिश नहीं की गई, उम्मीद थी कि स्टैंडर्ड डिडक्शन 80 सी या नेशनल पेंशन स्कीम में निवेश पर इनकम टैक्स छूट की सीमा कम से कम 50 हजार रुपये बढ जाएगी, 
खास कर तब जब इनकम टैक्स फाइल करने वालों की संख्या कोरोना के बावजूद काफी बढी है, सैलरीड क्लास को उम्मीद थी कि पंत की तरह आक्रामक मूड में सीतारमण आयकर में बड़ी छूट देंगी, जिससे उनकी इन हैंड सैलरी बढेगी और बाजार में डिमांड बढेगी, लेकिन रेवेन्यू लॉस ने शायद उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।

पुजारा का ट्रेडिशनल स्टाइल
वित्त मंत्री ने आयकर में छूट देने के बदले कैपिटल एक्सपेंडीचर बढाने पर भी भरोसा दिखाया है, उनको उम्मीद है कि 2021-22 में 35 लाख करोड़ रुपये के खर्च से रोजगार भी पैदा होगा, 
और डिमांड भी बढेगी, रेवेन्यू बढाने के लिये पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाया गया है, तथा कस्टम ड्यूटी में कई तरह के बदलाव किये गये हैं, मतलब सीधा है, कि निर्मला सीतारमण ने चेतेश्वर पुजारा का ट्रेडिशनल मेथड अपनाया है।

close