‘बलूचिस्तान को स्वतंत्र देश बनाया जाना चाहिए’, पाकिस्तान को UAE का स्पष्ट सन्देश

 


अभी हाल ही में यह सामने आया था कि चीन पाकिस्तान के साथ मिलकर बलूच क्रांतिकारियों को कुचलने में लगा हुआ है। अब दूसरी ओर UAE से एक ऐसा संदेश आया जिसने पाकिस्तान के हाथ पाँव फुला दिए हैं। दरअसल, दुबई के पूर्व पुलिस प्रमुख ने कहा है कि बलूचिस्तान को जल्द से जल्द स्वतंत्रता मिलनी चाहिए, और यदि उसके लिए बलूच क्रांतिकारियों को मिसाइल भी उपलब्ध करानी पड़े, तो कराई जाये।

दुबई पुलिस एंड जनरल सेक्युरिटी के पूर्व उपाध्यक्ष, लेफ्टिनेंट जनरल Dhahi Khalfan ने एक ट्विटर पोल किया, जिसमें उन्होंने पूछा कि क्या बलूच क्रांतिकारियों को आत्मरक्षा के लिए मिसाइल उपलब्ध करानी चाहिए? हालांकि, इसपर मिश्रित प्रतिक्रिया आई, परंतु इस बात का UAE में कोई मुखर विरोध न होना इस बात को दर्शाता है कि कहीं न कहीं Dhahi Khalfan के विचारों को UAE में भी समर्थन प्राप्त है।

बता दें कि Dhahi Khalfan ने वर्ष 2018 में पाकिस्तान की नीतियों पर उसे खूब खरी खोटी सुनाते हुए कहा था, “जिस तरहा के नशीले पदार्थ पाकिस्तान लाता है वो खाड़ी देशों के लिए बहुत बड़ा खतरा है। पाकिस्तान के विरुद्ध कड़े से कड़े कदम उठाने चाहिए, और यदि आपको अपना आत्मसम्मान प्यारा है, तो कुछ भी कीजिए, पर पाकिस्तानियों को अपने यहां मत नियुक्त कीजिए। यह संयुक्त अरब अमीरात का राष्ट्रीय कर्तव्य होना चाहिए”।

किसी को नहीं पता था कि ये विचार जल्द ही यथार्थ में परिवर्तित भी होगा। इसमें कोई दो राय नहीं है कि पाकिस्तान अब्राहम अकॉर्ड का धुर विरोधी हैं, लेकिन हाल ही में इज़रायल से संबंध स्थापित करने वाला UAE ऐसा कुछ भी नहीं चाहता, जिससे उसके देश को किसी भी प्रकार को हानि हो। इसीलिए उसने नवंबर में ही 13 देशों को नए वर्क वीज़ा उपलब्ध कराने से मना कर दिया, जिसमें स्पष्ट तौर पर पाकिस्तान भी शामिल था।

अब जब खलफ़ान ने बलूच क्रांतिकारियों की सहायता की बात की है, तो इससे स्पष्ट संदेश जाता है कि UAE भी अब एक स्वतंत्र बलूच राष्ट्र चाहता है। दरअसल, सऊदी अरब और UAE जैसे अरब देशों के विरुद्ध जाने वाले देशों का किस प्रकार से पाकिस्तान ने समर्थन किया है, ये किसी से नहीं छुपा है। ऐसे में अगर कूटनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए, तो ये फायदेमंद रहेगा कि बलूचिस्तान स्वतंत्र हो क्योंकि पाकिस्तान उनके भले के बारे में नहीं सोचता परंतु उनके उपर अत्याचार जरूर करता है।

इसके अलावा यदि बलूचिस्तान स्वतंत्र हुआ, तो इससे पश्चिमी एशिया, विशेषकर खाड़ी देशों पर अप्रत्यक्ष रूप से जो चीन द्वारा दबाव बढ़ रहा है वो भी काफी हद तक कम होगा है और पाकिस्तान को भी सबक मिलेगा। ये बात UAE भली भांति जानता है, और इसीलिए वह अपने बीच ऐसे विचारों को भी पनपने दे रहा है। यदि पाकिस्तान समय रहते नहीं चेता, तो वह आधे से अधिक दुनिया से तो अलग थलग पड़ ही चुका है, और जल्द ही UAE के संभावित हस्तक्षेप से बलोचिस्तान से भी हाथ धो बैठेगा।

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