बंगाल चुनाव : जेएनयू की छात्र नेता आइशी और दिप्सिता हो सकती हैं सीपीएम उम्मीदवार


कोलकाता : लेफ्ट फ्रंट पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी करने की तैयारी में जुटी है. इससे पहले सीपीएम पोलित ब्यूरो के सदस्य और पश्चिम बंगाल में पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. सूर्यकांत मिश्रा ने खुद को चुनाव से अलग कर लिया है.

इस बार लेफ्ट फ्रंट बंगाल में कांग्रेस और भारतीय सेक्युलर फ्रंट (ISF) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रहा है.

सीट बंटवारे को लेकर मंगलवार को वाम दलों की मैराथन बैठक हुई. शुरू में यह तय किया गया है कि पहले चरण में सीपीएम नौ उम्मीदवारों को चुनाव में उतारेगी. रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) 11 सीट और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक 19 सीटों पर चुनाव लड़ेगा.

पश्चिम बंगाल में विधानसभा की कुल 294 सीटें हैं. गठबंधन के मुताबिक, कांग्रेस 92 और आईएसएफ 27 सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे, जबकि अन्य सीटों पर लेफ्ट फ्रंट की सहयोगी पार्टियां चुनाव लड़ेंगी.

लेफ्ट फ्रंट के सूत्रों के मुताबिक, उम्मीदवारों की सूची में इस बार युवा चेहरों पर विशेष जोर रहेगा. सीपीएम पोलित ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद सलीम इस बार हुगली जिले के चंडिताला निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे.

सूत्रों ने बताया कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की दो छात्र नेताओं, दिप्सिता धर (Dipsita Dhar) और आइशी घोष (Aishe Ghosh) को इस बार उम्मीदवार बनाया जा सकता है. मार्क्सवादी नेता सुशांत घोष पश्चिम मिदनापुर जिले के गरबेटा से चुनाव लड़ सकते हैं.

उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों की सूची में सीपीएम के अन्य संभावित युवा चेहरों में शतरूप घोष, स्यानदीप मित्रा और देवज्योति दास शामिल हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा में वाम दलों के वर्तमान नेता डॉ. सुजन चक्रवर्ती जादवपुर सीट से चुनाव लड़ेंगे.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात मार्च को कोलकाता में एक रैली को संबोधित करेंगे. इससे एक दिन पहले वाम मोर्चा, कांग्रेस और आईएसएफ कोलकाता में संयुक्त विरोध प्रदर्शन करेंगे. छह मार्च को ही कोलकाता शहर में रैली भी होगी.



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