सात महीने में जिन्दगी का निर्णय, इस तरह से मिली फांसी की सजा

jaunpur fansiजौनपुर। अपराध की दुनिया में सजा सही समय से मिलता है तो अपराधी के हौसले पस्त होते हैं। दूसरों अपराध से दूर रहने का संदेश जाता है। प्रदेश के जौनपुर की अदालत ने एक त्वरित निर्णय देते हुए 11 साल की बच्ची से रेप और हत्या करने वाले दरिंदे को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। सात महीने पहले दरिंदे ने बच्ची के साथ जघन्य वारदात को अंजाम दिया था। दोषी ने बच्ची को मौत की नींद सुलाने के बाद उसके चेहरे को एसिड से जला भी दिया था। आरोपी के पकड़े जाने के बाद से अदालत में मामले की सुनवाई चल रही थी। छह मार्च को अदालत ने उसे दोषी ठहराया था। जौनपुर के मड़ियाहूं थाना क्षेत्र में रेप, हत्या और चेहरे पर एसिड डालने की वारदात हुई थी। लोगों ने तब इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन किया था। पुलिस की गिरफ्तारी से लेकर सजा होने तक मात्र पांच महीने में मामला अंजाम तक पहुंच गया। सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम रवि यादव ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई।

ऐसे बच्ची पर बनाया था दबाव
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि ईंट-भट्टे पर काम करने वाला चंदौली का बालगोविंद उर्फ गोविंदा अपनी ससुराल मड़ियाहूं में लगातार रह रहा था। पिछले साल छह अगस्त को उसने 11 वर्षीय बच्ची और उसकी बहन को टॉफी और बिस्कुट दिलाया। उसने छोटी बहन को घर भेजने के बाद बड़ी को बहला फुसलाकर मक्के के खेत में ले जाकर रेप किया। बच्ची की हत्या के बाद उसने चेहरे पर एसिड डाल दिया। दो दिन बाद गांव वालों ने बताया कि बालिका का शव खेत में है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। जिसमें मृतका के साथ दुष्कर्म होने और सांस रुकने से मौत की पुष्टि हुई।

मामले को बढ़ता देख पुलिस ने आरोपित को चंदौली से गिरफ्तार किया और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। गत 26 नवंबर 2020 को आरोप तय हुआ। मृत बालिका की छोटी बहन व दुकान ने कोर्ट में आरोपित का नाम लेते हुए गवाही दी। विशेष लोक अभियोजक राजेश उपाध्याय व एडीजीसी वीरेंद्र मौर्य ने 11 गवाह पेश किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुना। छह मार्च को आरोपी को अपहरण, दुष्कर्म, हत्या, साक्ष्य छिपाने व पाक्सो एक्ट की धाराओं में दोषी करार दिया था। सोमवार को उसे फांसी की सजा सुनाई गई। सजा सुनाये जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

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