होलिका दहन पर पेड़ों की कटाई रोकने के लिए बनाईं गाय के गोबर से लकड़ियां

 


नई दिल्ली: 28 मार्च को होलिका दहन है. होलिका दहन में महज अब कुछ ही दिनों का समय बचा है. उत्तरी भारत में इस त्यौहार को बड़े हर्षोल्लास के साथ रंग और गुलाल साथ मानाया जाता है. होलिका दहन पर लकड़ियों का भी बड़ी मात्रा में प्रयोग किया जाता है. पेड़ों की कटाई रोकने के लिए दिल्ली के अलीपुर इलाके के एक शख्स ने होलिका दहन के लिए पेड़ों और लकड़ियों का वैकल्पिक रास्ता गाय के गोबर से लकड़ियां बनाकर खोज निकाला है.

गोबर से लकड़ियां

ईटीवी भारत से बात करते हुए विकास कुमार ने बताया कि भारत मे होली का त्योहार लोग मानते है और उससे एक दिन पहले होलिका दहन के लिए लोग अपने आसपास के जंगलों से पेड़ और लकड़ियां काटकर तैयारी करते है ताकि इन लकड़ियों को होलिका दहन में डाल सकें. विकास कुमार ने पेड़ों की कटाई रोकने के लिए होलिका दहन पर लकड़ियों को जलाने का एक वैकल्पिक रास्ता खोज निकाला है. जिससे पेड़ की कटाई तो रुकेगी ही साथ ही पर्यावरण को भी ज्यादा नुकसान नहीं होगा.

पर्यावरण के प्रति जागरूकता

इसके लिए गाय के गोबर से बनी लकड़ियों की कीमत 800 रुपये प्रति क्विंटल है. जिन्हें लोग ऑनलाइन भी मांगा रहे है. साथ ही खुद भी लेने आ रहे है. इन्हें बेचने के लिए आसपास की दुकानो पर सम्पर्क कर बेचा जा रहा है. गांवों में लगातार गाय भैसों की घटती संख्या के चलते गौ शाला से गोबर खरीदकर इन्हें तैयार करते है. यह पेड़ों की कटाई न करने का एक वैकल्पिक रास्ता है. जिसकी मुहिम में ये पिछले एक साल से लगे हुए है.

ऑनलाइन व ऑफलाइन गोबर की लकड़ियां

विकास ने बताया कि यह इन्हें ऑनलाइन ऑर्डर भी मिल रहे है तो साथ ही लोग इनसे फोन पर भी संपर्क कर रहे है. दिल्ली एनसीआर की कई सोसाइटियां और आरडब्ल्यूए से इनका संपर्क हो चुका है. नोएडा गाजियाबाद और गुड़गांव व दिल्ली की कई आरडब्ल्यूए भी होलिका दहन के किये हैं.

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