बिहार में कानून-व्यवस्था और होली को लेकर CM नीतीश कुमार ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक


पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में एक अणे मार्ग स्थित नेक संवाद में विधि-व्यवस्था एवं मद्य निषेध से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई. बैठक में डीजीपी एस. के. सिंघल ने राज्य में अपराध को लेकर पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई को लेकर CM को जानकारी दी. वहीं, सीएम ने होलिका दहन और शब-ए-बरात को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के साथ ही कोरोना महामारी को लेकर सख्त हिदायत दी.

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कई निर्देश दिए-

1. पर्व त्योहारों को देखते हुए पूरी सतर्कता रखें. होलिका दहन एवं शब-ए-बरात एक ही दिन है, इसको लेकर विशेष निगरानी रखें.

2. कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए जहां तक संभव हो, लोग घरों में ही रहें. सीमित संख्या में ही किसी भी सार्वजनिक आयोजनों में भाग लें. कोरोना के प्रति हम सबको सचेत और सजग रहना है.

3. क्राइम कंट्रोल के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं. भूमि विवादों के समाधान से अपराध की घटनाओं में और कमी आएगी.

4. समाज में प्रेम और सौहार्द्र का माहौल बनाया जाए ताकि किए जा रहे विकास कार्यों का वास्तविक लाभ राज्य के लोगों को मिल सके.

5. बड़े शहरों के शराब माफियाओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाएं. कोई कितना भी बड़ा व्यक्ति हो, अमीर हो या फिर प्रभावशाली, किसी को भी छोड़ना नहीं है. पूरी सख्ती से कार्रवाई कीजिए.

भूमि विवाद को खत्म करने के निर्देश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि भूमि विवाद के समाधान को लेकर सप्ताह में एक दिन अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष के स्तर पर, महीने में दो बार अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के स्तर पर तथा महीने में एक बार जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के स्तर पर निश्चित रूप से बैठक करें. बैठक में कितने विवादों का समाधान हुआ और किस तरह के मुद्दे थे. इन सभी चीजों की रिपोर्ट मुख्यालय भी अपने पास मंगवाकर उसका आकलन करे. 60 प्रतिशत क्राइम के मामले भूमि विवाद से संबंधित या आपस में संपत्ति विवाद को लेकर होते हैं. क्राइम कंट्रोल के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं.

सचेत और सजग रहने की सलाह
हमारी कोशिश है कि समाज में प्रेम, सौहार्द्र एवं भाईचारे का माहौल बना रहे. आप लोग इसको लेकर सक्रिय एवं मुस्तैद रहें. समाज में प्रेम और सौहार्द्र का माहौल रहेगा तभी किए जा रहे विकास कार्यों का वास्तविक लाभ राज्य के लोगों को मिलेगा. कोरोना के प्रति हम सबको सचेत और सजग रहना है.

शराब कारोबार पर रखें नजर
इसके अलावा सीएम ने होली के मौके पर शराब को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की बात कही. उन्होंने कहा कि शराब पीने और पिलाने वाले लोगों पर विशेष नजर रखें. शराबबंदी के पूर्व जो लोग शराब निर्माण के कार्यों में लगे हुए थे, उन गरीब लोगों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं. वहीं, अभी भी शराब के कारोबार में लगे लोगों की गिरफ्तारी की जाए. शराब तस्करों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाएं.

अपराधों की हो रही समीक्षा
इस बैठक में डीजीपी एस. के. सिंघल ने बताया कि राज्य में अपराधों की समीक्षा जिलावार एवं थानावार की जा रही है. योजनाबद्ध तरीके से कार्य किये जा रहे हैं. स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को सजा दिलवायी जा रही है. इन सबों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं.

विधि व्यवस्था की दी गई जानकारी
अपर पुलिस महानिदेशक, विशेष शाखा जे. एस. गंगवार ने राज्य में विधि-व्यवस्था की अबतक की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पर्व त्योहारों के दौरान सांप्रदायिक घटनाओं में कमी आई है. पिछले 5 वर्षों में पर्व-त्योहारों के दौरान हुई घटनाओं का विवरण लिया गया है, जिसके आधार पर संवेदनशील एवं विवादित जगहों को चिन्हित कर साम्प्रदायिक मामलों की रोकथाम को लेकर सभी उपाय किए गए हैं.

भूमि विवाद को सुलझाने के लिए हो रही है बैठक
अपर पुलिस महानिदेशक, विधि-व्यवस्था अमित कुमार ने भी क्राइम कंट्रोल के लिए किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भूमि विवाद को सुलझाने के लिए सप्ताह में एक दिन अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष के स्तर पर, महीने में दो बार अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के स्तर पर और महीने में एक बार जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के स्तर पर बैठक की जा रही है. साथ ही उन्होंने बताया कि थाने के स्तर पर इंवेस्टीगेशन एवं लॉ एंड ऑर्डर के अलग-अलग विंग बनाए जाने से कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है.

मद्य निषेध को लेकर किए कार्यों की जानकारी
पुलिस महानिरीक्षक अमृत राज ने मद्य निषेध को लेकर किए जा रहे कार्यों की अब तक की स्थिति, शराब विनष्टीकरण, देसी शराब एवं विदेशी शराब की रिकवरी, वाहनों की जब्ती आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी.

सभी जिले के डीएम और एसपी जुड़े
सीएम के इस बैठक में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के डीएम और एसपी सहित प्रमण्डलीय आयुक्त और रेंज के पुलिस महानिरीक्षक या पुलिस उपमहानिरीक्षक शामिल रहे. इन लोगों ने भी विधि-व्यवस्था और मद्य निषेध को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी.

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