दुनिया का इकलौता सबसे ज्यादा जीवनदान पाने वाला खिलाड़ी


क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। इसमें टैलेंट की जरुरत तो पड़ती ही है साथ ही इसमें अगर किस्तम साथ दे तो खिलाड़ी का करियर ग्राफ बहुत ऊँचे जाता है। कहते है कि किस्मत भी बहादुर का ही साथ देती है। वर्तमान क्रिकेट की दुनिया में अगर सबसे किस्मत वाला खिलाड़ी कहा जाए तो वह खिलाड़ी कौन होगा। आपके जहन में जरूर यह चीज आयेगी कि जिसने अपने देश के लिए ज्यादा मैच खेला हो वह लकी खिलाड़ी होगा। नहीं, हम बात कर रहे है क्रिकेट के मैंदान पर किस खिलाड़ी को किस्मत ने सबसे ज्यादा साथ दिया है।

क्रिकेट में किस्मत का साथ देने का मतलब है कि खिलाड़ी के पक्ष में चीजों को जाना। अगर कोई बल्लेबाज़ है और वह आउट हो जाता है लेकिन किसी कारण वश उसे आउट नहीं दिया जाता है तो इसे किस्मत ही कहा जायेगा। ऐसा भी हो सकता है कि बल्लेबाज़ आउट हो और गेंद नोबॉल निकली हो जिससे की बल्लेबाज़ आउट न हुआ है। ऐसा लगभग बहुत ही दुर्लभ होता है कि बल्ल्बेबाज़ आउट हो और वह गेंद नोबॉल निकले या स्टंप को छू कर निकल जाए लेकिन स्टंप की गिल्ली न गिरे।

वर्तमान क्रिकेट में एक ऐसा खिलाड़ी है जो अपने करियर में एक बार, दो बार नहीं बल्कि 10 बार ऐसी गेंदों पर आउट हुआ जो बाद में नोबॉल निकली। आइये इस खिलाड़ी के बारें में विस्तार से जानते है।

दुनिया का सबसे किस्मत वाला बल्लेबाज़

ऑस्ट्रेलिया के धुआंधार सलामी बल्लेबाज़ डेविड वार्नर को अगर सबसे लकी बल्लेबाज़ कहा जाए तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। दरअसल डेविड वार्नर अपने करियर में 10 बार ऐसी गेंदों पर आउट हुए है जो नोबॉल हुई है। जिसकी वजह से अम्पयार को उन्हें नॉटआउट देना पड़ा।

आइये ट्वीट एक थ्रेड के माध्यम से जानते है कि वार्नर कब-कब आउट हुए लेकिन कभी यह गेंद नोबॉल होती या गेंद स्टंप को छू कर निकल जाती लेकिन बेल्स के न गिरने के कारण अंपायर द्वारा नॉटआउट करार दिया जाता।

पहली बार

पहली बार वार्नर को किस्मत ने तब साथ दिया जब भारतीय गेंदबाज़ ने वार्नर को आउट किया लेकिन यह गेंदबाज़ नो बॉल निकली.

दूसरी बार

वार्नर को दूसरी बार तब जीवनदान मिला जब आईपीएल के 9वें सीजन में मोर्केल ने उन्हें आउट किया लेकिन यह गेंद भी नोबॉल निकली.

तीसरी बार

साउथ अफ्रीका के साथ टेस्ट मैच खेलते हुए वार्नर को उस समय जीवनदान मिला जब वार्नेन फिलेंडर की गेंद नोबॉल निकली जिसपर वार्नर आउट थे.

चौथी बार

2016 में ही वार्नर 81 रन खेल रहे थे, वहाब ने उन्हें बोल्ड आउट किया लेकिन वह गेंद भी नोबॉल निकली.

पांचवीं बार

2017 में जब ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज खेलने भारत आयी थी तब जयंत यादव की गेंद पर वार्नर LPW आउट हुए थे लेकिन यह गेंद भी नोबॉल निकली.

छठी बार

वार्नर 99 रन पर खेल रहे थे कि वह टॉम करन की गेंद पर आउट हो गए लेकिन यह गेंद भी नोबॉल निकली

सातवीं बार

2019 में डेविड वार्नर उस समय आउट होने से बच गए जब गेंद ने स्टंप को छुआ लेकिन गिल्ली नहीं गिरी .

आंठ्वीं बार

2019 में ही वार्नर फिर तब आउट होने से बच गए जब गेंद स्टंप के लगने के बावजूद गिल्ली को नही गिरा पाई .

नौवीं बार

पाकिस्तान के तेज गेंदबाज़ नसीम शाह ने वार्नर को विकेट के पीछे आउट कराया लेकिन जांच करने पर पता चला कि यह गेंद नो बॉल निकली जिसकी वजह से वार्नर आउट होने से बच गए

दसवीं बार

एक बार फिर वार्नर तब आउट होने से बच गए जब गेंद स्टंप में तो टकराई लेकिन बेल्स नहीं गिरी, नियमों के मुताबिक वार्नर आउट नही हुए.

इन 10 घटनाओं को देखकर यही कहा जा सकता है कि वार्नर क्रिकेट इतिहास के सबसे किस्मत वाले खिलाड़ी रहे है |

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