काशी में नहीं होगी ऑक्सीजन की कमी, खुलेंगे कई प्लांट


वाराणसी: जनपद में लगातार हो रही ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने के लिए प्रशासन ने पूरी तरीके से कमर कस ली है. जहां एक ओर लगातार बाहर से ऑक्सीजन टैंकर वाराणसी आ रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर वाराणसी में ऑक्सीजन प्लांट की शुरुआत करने की कवायद भी शुरू हो गई है. इसी क्रम में दरेखु में बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को शुरू करने के लिए प्रशासन ने सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली है. वहीं दूसरी ओर शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय में भी ऑक्सीजन प्लांट को स्थापित करने की प्रक्रिया जोरों पर चल रही है.


2 मई से दरेखु में शुरू होगा ऑक्सीज़ीन प्लांट
आक्सीजन की किल्लत को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने योजना बनाई है. रोहनिया के देरेखु में सालों से बंद पड़ी ऑक्सीजन प्लांट को 2 मई से शुरू करने की तैयारी है. जिलाधिकारी ने बताया कि समिति के माध्यम से ऑक्सीजन प्लांट का संचालन किया जाएगा. प्रशासनिक स्तर की प्रक्रिया पूरी हो गई हैं. उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट से प्रतिदिन 400 सिलेंडर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा. प्लांट से उत्पादन शुरू होने के बाद अस्पतालों के अलावा होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को इसकी सुविधा दी जाएगी. यहां उत्पादन शुरू होने से रामनगर ऑक्सीजन प्लांट का बोझ कम होगा और लोगों को भी राहत मिलेगी.

'युद्ध स्तर पर होगा काम'

वहीं पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी ने कहा है कि युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर के इस प्लांट को पूरा किया जाएगा, क्योंकि वर्तमान परिवेश में कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन की अत्यधिक आवश्यकता है. ऐसे में ऑक्सीजन प्लांट लोगों के लिए काफी मददगार साबित होगा.

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